Published By: Mona Dixit | Published: Apr 06, 2023, 05:22 PM (IST)
Google ने Play Store पर अपने पर्सनल लोन पॉलिसी ऐप्स के लिए अपडेट जारी किया है। अपडेट के साथ ऐप्स पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो उन्हें यूजर्स के फोन के एक्सटर्नल इंटोरेज, फोटो, वीडियो, कॉन्टेक्ट, लोकेशन और कॉल लॉग तक पहुंचने से रोकते हैं। Google की फाइनेंशियल सर्विस पॉलिसी में ये बदलाव 31 मई से लागू होंगे। और पढें: Google लेकर आया Dreambeans ऐप, आपके अहम पलों को देगा कहानी का रूप
उधारकर्ताओं को परेशान करने वाले उधारदाताओं के हिंसक व्यवहार से निपटने के लिए Google उन ऐप्स को सीमित करना चाहता हैं, जो यूजर्स की जानकारी जैसे कॉन्टैक्ट, फोटो और बहुत कुछ तक पहुंचते हैं। यह कदम इस मामले को हल करने के Google के बढ़ते प्रयासों का ही हिस्सा है। आइये, डिटेल में जानते हैं। और पढें: Google का नया AI फीचर करेगा फर्जी कॉल की पहचान, डीपफेक स्कैम से यूजर्स को मिलेगी बड़ी सुरक्षा
कंपनी ने अपडेट में कहा है कि पर्सनल लोन देने वाले ऐप्स या लीड जनरेटर या फैसिलिटेटर तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने का प्राथमिक उद्देश्य रखते हैं, उन्हें संवेदनशील डेटा जैसे फोटो और कॉन्टैक्ट तक पहुंचने से प्रतिबंधित किया जाता है। और पढें: Google Drive में आया शानदार अपडेट, अब मिलेंगे ये फीचर्स और फायदें
मोबाइल ऐप के माध्यम से क्रेडिट प्राप्त करने वाले कुछ उधारकर्ता को ऋण संग्राहकों द्वारा उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। इन एजेंट उधारकर्ताओं की फोटो और कॉन्टैक्ट तक पहुंचते हैं और उन्हें डराने के लिए छेड़छाड़ की गई फोटो का यूज करते हैं। इसने लक्षित व्यक्तियों को अपनी जान लेने के लिए भी प्रेरित किया है। इससे कर्जदारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इस तरह के उत्पीड़न के मामले भारत और केन्या में रिपोर्ट किए गए थे। Google ने Play Store से सैकड़ों और हजारों पर्सनल लोन ऐप्स को ब्लॉक करके कानून प्रवर्तन एजेंसियों और केंद्रीय बैंकों के अलर्ट का जवाब दिया। इसके अलावा कंपनी ने बिना लाइसेंस वाले लोन ऐप्स को प्ले स्टोर से प्रतिबंधित करने के लिए नियम लागू किए हैं।
Google ने क्रेडिट प्रदान करने की क्षमता सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान में Play Store पर व्यक्तिगत ऋण ऐप्स के लिए विशिष्ट लाइसेंसिंग डॉक्यूमेंट अनिवार्य कर दिया है। कंपनी ने देश में गैर-बैंकिंग वित्तीय फर्मों के लिए प्ले स्टोर पर केवल एक डिजिटल लेंडिंग ऐप उपलब्ध कराना अनिवार्य किया है।
नई पॉलियी भारत, केन्या, नाइजीरिया, फिलीपींस और इंडोनेशिया सहित बाजारों में पेश की जा रही है।