Published By: Harshit Harsh | Published: Jan 27, 2023, 09:11 AM (IST)
Google ने भारतीय यूजर्स के लिए एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म में कई बड़े बदलाव की घोषणा की है। गूगल ने ब्लॉग पोस्ट के जरिए इसके बारे में जानकारी शेयर की है। गूगल द्वारा किया जाने वाला यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें CCI (Competition Commission of India) ने कंपनी की मार्केट पोजीशन और एंड्रॉइड सिस्टम की वजह से अन्य प्रतिद्वंदी कंपनियों की ग्रोथ प्रभावित होने को लेकर निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट के दिश-निर्देश के बाद अब टेक कंपनी को अपने एंड्रॉइड सिस्टम में ये बदलाव करने पड़ेंगे। और पढें: Google Play Store में आ सकता है नया फीचर, पैसे देने से पहले खेल सकेंगे Paid Games
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इसे लेकर गूगल पर जुर्माना भी लगाया था। गूगल ने अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया कि हम भारत में स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता को गंभीरता से लेते हैं। Android और Google Play के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के हालिया निर्देशों से हमें भारत के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करने की आवश्यकता है और आज हमने CCI को सूचित किया है कि हम उनके निर्देशों का पालन कैसे करेंगे। और पढें: CES 2026: Google TV के लिए Gemini को मिला बड़ा AI अपग्रेड, मिलेंगे ये फीचर्स
हालांकि, गूगल ने अपने ब्लॉग में यह भी बताया कि हम CCI के निर्णयों के कुछ पहलुओं का सम्मानपूर्वक अपील करना जारी रखेंगे और यूजर्स की प्राइवेसी के लिए अपने मूल सिद्धांतों का भी समर्थन करेंगे। और पढें: WhatsApp मैसेज गलती से डिलीट हो गया? ऐसे करें तुरंत रिकवर
Google के इस नए बदलाव का फायदा देश के करोड़ों एंड्रॉइड यूजर्स को मिलेगा। आसान भाषा में कहा जाए तो गूगल के इस फैसले के बाद Android स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को अपने डिवाइस में गूगल के ऐप्स को प्री-इंस्टॉल देने के लिए लाइसेंस लेना होगा। पहले सभी Android डिवाइस में गूगल के ऐप्स जैसे कि YouTube, Play Store, YouTube Music, Photos, Gmail आदि प्री-इंस्टॉल्ड आते थे और यूजर्स इन्हें अन-इंस्टॉल नहीं कर सकते थे।
यही नहीं, एंड्रॉइड यूजर्स के लिए गूगल का सर्च इंजन डिफॉल्ट रहता था। नई घोषणा के साथ यूजर्स अब अपने एंड्रॉइड फोन में कोई अन्य सर्च इंजन को डिफॉल्ट के तौर पर चुन सकते हैं।