Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 18, 2025, 11:40 AM (IST)
X app
Elon Musk ने घोषणा की है कि ‘X’ अपनी कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अगले चार से छह हफ्तों में प्लेटफॉर्म पूरी तरह से AI पर आधारित मॉडल पर शिफ्ट हो जाएगा। Elon Musk ने कहा कि इस बदलाव का मकसद ‘सभी ह्यूरेस्टिक्स यानी पुराने नियम’ को हटाना है। नया सिस्टम ‘X’ के इन-हाउस AI मॉडल, Grok द्वारा चलाया जाएगा। यह AI रोजाना 100 मिलियन से ज्यादा पोस्ट और वीडियो को पढ़ेगा और देखेगा, ताकि यूजर्स को उनके व्यवहार और ट्रेंड्स के आधार पर सबसे अच्छा कंटेंट मिल सके। और पढें: X पर आ गया AI Article Summaries फीचर, लंबे आर्टिकल्स का सेकेंड्स में मिलेगा सार
Elon Musk ने बताया कि AI मॉडल से खासकर नए यूजर्स और छोटे अकाउंट्स को फायदा होगा। अक्सर नए अकाउंट या छोटे यूजर्स की पोस्ट अच्छी होने के बावजूद ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंच पाती थी। नए सिस्टम में Grok यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी शानदार पोस्ट किसी भी यूजर द्वारा शेयर की गई हो, वह सही लोगों तक पहुंच जाए। इससे छोटे क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के लिए सही ऑडियंस मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। और पढें: Perplexity AI ने लॉन्च किया नया AI Agent, अब Mac mini बन सकता है स्मार्ट असिस्टेंट
इस अपडेट में यूजर्स के लिए नई सुविधाएं भी पेश की जाएंगी। Elon Musk ने कहा कि अब यूजर्स अपने फीड को अस्थायी या स्थायी रूप से Grok से पूछकर बदल सकेंगे। इसका मतलब है कि कोई भी यूजर सीधे AI से बातचीत करके यह तय कर सकेगा कि वह किस तरह का कंटेंट देखना चाहता है। यह फीचर सोशल मीडिया पर यूजर एक्सपीरियंस को और अधिक पर्सनल और अनुकूल बनाने में मदद करेगा। और पढें: Elon Musk का नया प्लान आया सामने, ला सकते हैं X Chat, टेस्टिंग शुरू
यह बदलाव ‘X’ पर AI के यूज का एक बड़ा उदाहरण है और इससे प्लेटफॉर्म पर यूजर्स का इंटरैक्शन काफी बदल सकता है। यह कदम Elon Musk के व्यापक दृष्टिकोण से मेल खाता है, जिसमें वह अपनी कंपनियों में एडवांस्ड AI को इंटीग्रेट करना चाहते हैं। Grok, जिसे xAI वेंचर के तहत डेवलप किया गया है, पहले ही ‘X’ Premium में एक conversational assistant के रूप में मौजूद है। वहीं Elon Musk ने यह भी कहा कि ‘X’ अपने कंटेंट बनाने वालों को ज्यादा पैसे नहीं दे रहा है। उन्होंने Google का YouTube तारीफ की क्योंकि वहां क्रिएटर्स को पैसे देने का तरीका अच्छा है।