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2026 में Neuralink करेगी ब्रेन इम्प्लांट डिवाइस का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन, Elon Musk ने किया बड़ा दावा

Elon Musk की कंपनी Neuralink ने भविष्य की झलक दिखाते हुए बड़ा दावा किया है। कंपनी का कहना है कि 2026 तक ब्रेन इम्प्लांट डिवाइस का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू होगा। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 02, 2026, 01:12 PM (IST)

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Elon Musk की ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस कंपनी Neuralink ने भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है। Elon Musk के अनुसार, कंपनी साल 2026 तक अपने ब्रेन इम्प्लांट डिवाइस का हाई-वॉल्यूम प्रोडक्शन शुरू कर देगी। इसके साथ ही सर्जरी की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाया जाएगा, यानी इंसानों की बजाय मशीनें खुद यह सर्जरी करेंगी। Elon Musk ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए दी। हालांकि इस बयान पर कंपनी ने अभी तक आधिकारिक रूप से कोई डिटेल्ड प्रतिक्रिया नहीं दी है। news और पढें: iPhone यूजर्स के लिए खास लॉन्च हुआ XChat, मिलेंगे ये फीचर्स और ऐसे करें यूज

ब्रेन इम्प्लांट से लकवाग्रस्त मरीजों को क्या-क्या फायदे मिल रहे हैं

Neuralink का ब्रेन इम्प्लांट खासतौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो रीढ़ की हड्डी की चोट (Spinal Cord Injury) या गंभीर लकवे जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यह इम्प्लांट दिमाग के संकेतों को सीधे कंप्यूटर या डिजिटल डिवाइस से जोड़ देता है। कंपनी के मुताबिक, पहला मरीज इस टेक्नोलॉजी की मदद से वीडियो गेम खेल चुका है, इंटरनेट ब्राउज कर चुका है, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुका है और लैपटॉप पर कर्सर को सिर्फ दिमाग में सोचने के जरिए मूव कर पाया है। यह उपलब्धि मेडिकल और टेक्नोलॉजी दोनों दुनिया में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। news और पढें: Elon Musk का धांसू XChat App जल्द होने वाला है लॉन्च, सिर्फ इन Devices ही मिलेगा, जानें फीचर्स

2024 में मिली इंसानों पर टेस्टिंग की अनुमति

हालांकि Neuralink का सफर आसान नहीं रहा। कंपनी ने 2022 में अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से इंसानों पर टेस्टिंग की अनुमति मांगी थी लेकिन उस समय सुरक्षा चिंताओं के चलते इसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद कंपनी ने अपने डिवाइस में जरूरी सुधार किए और आखिरकार 2024 में Neuralink को इंसानों पर टेस्टिंग (Human Trials) की अनुमति मिली और उसी साल से कंपनी ने मरीजों पर इम्प्लांट लगाना शुरू किया। सितंबर में Neuralink ने बताया कि दुनियाभर में 12 गंभीर रूप से लकवाग्रस्त मरीजों को यह ब्रेन इम्प्लांट लगाया जा चुका है और वे इसे सोच के जरिए डिजिटल और फिजिकल टूल्स कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। news और पढें: X का नया ऑटो ट्रांसलेशन फीचर क्या है और यूजर्स को कैसे फायदा मिलेगा?

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Neuralink दुनिया कैसे बदल सकती है

वित्तीय मोर्चे पर भी Neuralink को मजबूत समर्थन मिला है। कंपनी ने जून में 650 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई, जिससे इसके रिसर्च, प्रोडक्शन और ऑटोमेशन प्लान को तेजी मिलने की उम्मीद है अगर 2026 में हाई-वॉल्यूम प्रोडक्शन और पूरी तरह ऑटोमेटेड सर्जरी सच में शुरू हो जाती है तो यह न्यूरोलॉजी और हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह टेक्नोलॉजी न सिर्फ लकवे, बल्कि न्यूरोलॉजिकल बीमारियों, याददाश्त की समस्याओं और इंसान-मशीन इंटरफेस को एक नई दिशा दे सकती है।