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Chandrayaan 3: दुनिया हैरान, हॉलीवुड फिल्मों की लागत से कम खर्चे में भारत पहुंचा चांद पर

Chandrayaan 3 सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतर गया है। भारत के इस सफल मून मिशन की जहां दुनिया एक तरफ गुणगान कर रही है, वहीं, इस मिशन के बजट के बारे में जानकर हैरान भी है।

Edited by Harshit Harsh |Published: Aug 24, 2023, 12:17 PM (IST)

Highlights

  • Chandrayaan 3 मून मिशन के सफल होने पर पूरी दुनिया भारत की तारीफ कर रही है।
  • इस मून मिशन की लागत किसी बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्मों की लागत से भी कम है।
  • यही नहीं, इसमें चंद्रयान-2 से भी कम खर्च आया है।

Chandrayaan 3 की सफलता से जहां एक तरफ दुनियाभर की स्पेस एजेंसी ISRO को बधाई दे रहे हैं, वहीं भारत से इस मून मिशन के बजट के बारे में जानकर हैरान हो रहे हैं। भारत से इस सफल और एतिहासिक मून मिशन का खर्च हॉलीवुड की कई फिल्मों की लागत से काफी कम है। रिपोर्ट के मुताबिक,इसरो के चंद्रयान-3 मिशन का खर्च महज 615 करोड़ रुपये है। इस मिशन का खर्च 2019 में फेल हुए चंद्रयान-2 मिशन से भी कम है। चंद्रयान-2 मिशन में भारत को 978 करोड़ रुपये करने पड़े थे। यह पहली बार नहीं है, जब इसरो ने कम लागत में सफल अंतरिक्ष मिशन पूरा किया हो। इससे पहले सफल रहे मंगलयान मिशन के लिए इसरो ने केवल 450 करोड़ रुपये खर्च किए थे। news और पढें: Vikram-1: अंतरिक्ष में भारत के 'आगमन' की तैयारी पूरी, आज पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट होगा लॉन्च, रहें तैयार

7 सितंबर 2019 को आंशिक तौर पर फेल हुए चंद्रयान-2 मून मिशन के साथ ही इसरो ने चंद्रयान-3 की नींव रख दी थी। इसरो के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-2 की असफल लैंडिंग में सामने आई गड़बड़ियों को ठीक करके चंद्रयान-3 को दोबारा लॉन्च करने का प्लान बनाया। इसरो के वैज्ञानिक पिछले 4 साल से दिन-रात चंद्रयान-3 मिशन के लिए काम करने में लग गए। ये देश के हजारों वैज्ञानिकों का अथक प्रयास था, जिसकी वजह से भारत ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरकर इतिहास रचा है। news और पढें: ISRO ने Gaganyaan मिशन की 3 जरूरी टेस्टिंग की पूरी, जानिए कैसे सुरक्षित लौटेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री

फिल्मों से कम लागत

Chandrayaan-3 मिशन को इसरो ने 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया था। चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त यानी कल शाम चांद की सतह पर सफल लैंडिंग की है। अगले 14 दिन तक चंद्रयान-3 का रोवर चांद के दक्षिणी ध्रुव के वातावरण की जांच करेगा और वहां मौजूद खनिज संपदाओं की खोज करेगा। चंद्रयान-3 में तीन कंपोनेंट्स लगे हैं, जिनमें प्रपल्शन मॉड्यूल, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर शामिल हैं। इसके प्रपल्शन मॉड्यूल (जिसमें विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर शामिल हैं) का खर्च करीब 250 करोड़ रुपये है। इसकी लॉन्चिंग सर्विस का खर्च 365 करोड़ रुपये है। चंद्रयान-3 में स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से इसकी लागत कई गुना कम हो गई है। हाल ही में फेल हुए रूस के लूना-25 मिशन में भी करीब 1,600 करोड़ रुपये का खर्च आया था, जो भारत के चंद्रयान-3 मिशन के खर्च से दोगुना ज्यादा है। news और पढें: धरती के बाहर मिला गैस और पानी का खजाना! NASA की रिपोर्ट ने चौंकाया

इस मिशन के खर्च की तुलना बॉलीवुड-हॉलीवुड की फिल्मों से करें तो कई हॉलीवुड और कुछ बॉलीवुड की फिल्मों को बनाने में इससे ज्यादा का खर्चा आता है। यही नहीं, देश के कई मेगा प्रोजेक्ट का खर्च भी चंद्रयान-3 मून मिशन से कई गुना ज्यादा है। हाल ही में बुरी तरह फ्लॉप हुई बॉलीवुड की फिल्म आदिपुरुष की लागत भी 700 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं, हॉलीवुड की अवतार, ग्रेविटी जैसी फिल्मों की लागत हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

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