Written By Harshit Harsh
Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: Aug 07, 2023, 02:07 PM (IST)
Central Vista प्रोजेक्ट के तहत लॉन्च हुए नए संसद भवन की सुरक्षा AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए की जाएगी। इसके लिए फेशियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI मेकेनिज्म का इस्तेमाल किया जाएगा। हाई टेक फेशियल रेकोग्निशन और स्कैनिंग टेक्नोलॉजी को नए संसद भवन के इंट्रेंस गेट पर लगा दिया गया है। इसके लिए केन्द्रीय मंत्रियों, सांसदों और टॉप अधिकारियों के चेहरे की स्कैनिंग कर ली गई है। यह एडवांस फेशियल आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस बेस्ड स्कैनर गेट से 6 मीटर की दूरी पर सदस्यों की पहचान कर सकेगा। इसके अलावा इसमें सांसदों का बायोमैट्रिक डेटा, जैसे कि अंगूठे का प्रिंट और यूनिक पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर आदि भी फीड किया जाएगा। और पढें: कौन हैं John Ternus? जो Tim Cook के बाद बनेंगे Apple के नए CEO
सेंट्रल विस्टा की एंट्री भी एयरपोर्ट DigiYatra की तरह ही होगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। संसद भवन का यह नया सिस्टम पूरी तरह से नई टेक्नोलॉजी पर आधारित रहेगा। हालांकि, इस नए सिस्टम के बारे में फिलहाल ज्यादा डिटेल्स मौजूद नहीं है। HT की रिपोर्ट के मुताबिक, संसद की नई बिल्डिंग में आने वाले विजिटर्स के लिए स्मार्ट कार्ड टेम्पोररी या फिर परमानेंट बेसिस पर इश्यू किया जाएगा। इस SCOSTA (Smart Card Operating System) को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MeitY) के लिए CDAC (Centre for Development of Advance Computing) तैयार कर रहा है, जिसमें विजिटर्स का डेटा पूरी तरह से एनक्रिप्टेड रहेगा। डेटा एनक्रिप्शन होने की वजह से उनकी निजी जानकारियां पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी। और पढें: Apple WWDC 2026: क्या Siri में आने वाला है सबसे बड़ा AI अपडेट?
CDAC द्वारा बनाया जाने वाला यह SCOSTA कार्ड किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड की साइज का होगा। इस कार्ड के जरिए संसद भवन में केवल वही शख्स प्रवेश कर पाएंगे, जिन्हें सिक्योरिटी क्लियरेंस मिली होगी। इसके अलावा नए ससंद भवन में लोकल नेविगेशन सिस्टम होगा,जिसे मोबाइल ऐप के जरिए कंट्रोल किया जा सकेगा। इस नेविगेशन सिस्टम के जरिए नए भवन में लोगों को रास्ता खोजने में मदद मिलेगी। और पढें: Gemini AI अब कर सकेगा Google Photos का इस्तेमाल, अब फोटो नहीं करनी पड़ेगी बार-बार अपलोड
इसमें केवल उन मीडियाकर्मियों को प्रवेश करने की अनुमति होगी, जिनके पार रिपोर्टिंग करने का 10 या इससे ज्यादा साल का एक्सपीरियंस होगा। उन मीडियाकर्मियों को नए संसद के सेंट्रल हॉल में प्रवेश करने की अनुमति होगी। अन्य मीडियाकर्मियों को केवल सीटिंग एरिया और अन्य कैंटीन में जाने की अनुमति होगी। नए संसद की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए मीडियाकर्मियों को केवल मीडिया रूम तक ही जाने की अनुमति होगी। वो कॉरिडोर में नहीं घूम पाएंगे। मीडिया कार्ड के जरिए केवल नॉर्थ यूटिलिटी बिल्डिंग का एक्सेस किया जा सकता है।