Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Mar 28, 2026, 04:01 PM (IST)
iPhone के लिए भारतीय बाजार अहम है। यहां iPhone 15 और iPhone 16 जैसे पुराने मॉडल मांग में बने रहते हैं। हालांकि, अब यह डिमांड प्रभावित हो सकती है, क्योंकि पुराने आईफोन मॉडल की कीमत में इजाफा होने वाला है। इसका मतलब है कि लोगों को आईफोन खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। और पढें: Flipkart Summer Sale 2026 इस तारीख से होगी शुरू, इन लोगों को मिलेगा पहले एक्सेस
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, Apple के iPhone 15 और iPhone 16 जैसे पुराने मॉडल की कीमत में 5000 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मुख्य कारण यह है कि कंपनी ने रिटेलर्स और चैनल पार्टनर्स को डिमांड जेनरेशन (DG) न देने का फैसला लिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह एक तरह का इंसेंटिव होता है। इससे प्राइसिंग कॉम्पिटिटिव रखने में सहायता मिलती है। यह निर्णय पिछले साल सितंबर में लॉन्च हुए iPhone 17 पर लागू नहीं होगा। और पढें: Samsung फोन खरीदने का है प्लान? Galaxy M और F सीरीज के फोन हो गए महंगे, जानें नई कीमत
डीजी सपोर्ट को एक फायदे के रूप में देखा जा सकता है। यह छूट स्मार्टफोन कंपनी की ओर से चेन पार्टनर और रिटेल स्टोर को दी जाती है। इसकी मदद से स्टोर अपने ग्राहकों को बिना MRP में बदलाव किए डिवाइस पर ऑफ देते हैं। एप्पल की बात करें, तो अब तक डीजी का सपोर्ट मिलने से आईफोन 15 और 16 जैसे डिवाइस की कीमत कम रखी गई, लेकिन इसके हटने से आईफोन की कीमत में बढ़ोतरी होगी। ग्राहकों को इन फोन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। और पढें: Telegram की ये सेटिंग तुरंत ऑन करें, फिर कोई नहीं देख पाएगा आपका नंबर
रिपोर्ट में बताया गया कि डीजी सपोर्ट को जल्द हटाया जा सकता है। रिटेलर्स का मानना है कि अभी iPhone 15 और iPhone 16 की कीमत को डीजी का सपोर्ट मिल रहा है। अभी इन डिवाइस को कम दाम में खरीदने का अच्छा मौका है। यदि यह सपोर्ट हट जाएगी, तो इन फोन पर ग्राहकों को 5 हजार ज्यादा देने पड़ेंगे।
आगे यह भी बताया कि डीजी के हटने से इंडियन मार्केट में ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और मांग भी बनी रहेगी। माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए होगा क्योंकि यहां फोन को किफायती EMI पर खरीदा जाता है।
अमेरिकन कंपनी एप्पल ने पिछले साल iPhone 17 सीरीज पर मिलने वाले कैशबैक को घटा दिया था। इस पर पहले 6000 रुपये तक का कैशबैक दिया जा रहा था, लेकिन अपडेशन के बाद इस कैशबैक को घटाकर 1000 कर दिया गया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह फैसला सप्लाई चेन में आई बाधाओं को ध्यान में रख लिया गया।