Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 11, 2026, 01:45 PM (IST)
Aadhaar Scam
भारत में Aadhaar Card सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट में से एक है। बैंकिंग, होटल बुकिंग, नौकरी, सिम कार्ड और सरकारी योजनाओं समेत कई कामों में इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन अब फर्जी Aadhaar Card के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनका यूज ऑनलाइन फ्रॉड और पहचान चोरी जैसी घटनाओं में किया जा रहा है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि नकली आधार कार्ड देखने में बिल्कुल असली जैसे लग सकते हैं, इसलिए केवल आंखों से पहचानना मुश्किल हो जाता है। आइए जातने हैं असली और नकली आधार कार्ड की पहचान कैसे की जाती है। और पढें: Aadhaar Card कब और कहां हुआ यूज घर बैठे ऐसे करें तुरंत चेक, UIDAI ने दी खास सुविधा
आधार कार्ड असली है या नकली, यह जांचने का सबसे आसान तरीका उसका 12 अंकों वाला Aadhaar Number Verify करना है। हर असली आधार नंबर UIDAI द्वारा जारी किया जाता है और उसका रिकॉर्ड सिस्टम में मौजूद होता है। अगर नंबर फर्जी, बंद या गलत होगा तो सिस्टम उसे पहचान नहीं पाएगा। वहीं अगर आधार नंबर सही है तो उससे जुड़ी कुछ बेसिक जानकारी जैसे जेंडर, उम्र का ग्रुप और राज्य दिखाई देता है। इससे पता चल जाता है कि आधार नंबर वास्तव में मौजूद है या नहीं। और पढें: ऐसे चेक करें आपका आधार कार्ड कब-कहां हुआ यूज, 90% लोग नहीं जानते ये आसान तरीका!
आजकल आधार कार्ड में एक सिक्योर QR Code दिया जाता है जिसमें कार्डधारक की जानकारी डिजिटल रूप से सेव रहती है। यह QR Code एन्क्रिप्टेड होता है इसलिए इसे आसानी से बदला नहीं जा सकता। अगर किसी ने फोटो या प्रिंटेड जानकारी में छेड़छाड़ की हो, तब भी QR Code स्कैन करने पर असली डिटेल सामने आ जाती है। स्कैन करने के बाद नाम, फोटो, जन्मतिथि, जेंडर और पता जैसी जानकारी दिखाई देती है। अगर ये जानकारी कार्ड पर छपी डिटेल से अलग हो, तो आधार नकली या छेड़छाड़ किया हुआ हो सकता है। और पढें: Aadhaar Card यूजर्स सावधान, UIDAI की ये 5 बातें नहीं मानीं तो हो सकता है फ्रॉड
कई नकली आधार कार्ड देखने में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं, लेकिन फिर भी कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिनसे शक हो सकता है, जैसे धुंधली प्रिंटिंग, खराब QR Code, स्पेलिंग की गलती, टेढ़ा-मेढ़ा टेक्स्ट, खराब फोटो या UIDAI Logo की गलत जगह। कई बार फॉन्ट स्टाइल भी अलग दिखाई देता है, हालांकि सिर्फ देखकर हर बार सही पहचान करना आसान नहीं होता, इसलिए केवल विजुअल जांच पर भरोसा करना सुरक्षित नहीं माना जाता।
आधार की असली पहचान के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। UIDAI से जुड़े कुछ ऑफिशियल मोबाइल App QR Code स्कैन करके आधार की जानकारी तुरंत चेक करने की सुविधा देते हैं। इससे आपको केवल फोटोकॉपी या प्रिंटेड कार्ड पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, क्योंकि कई बार लोग एडिट की हुई फोटोकॉपी का इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन डिजिटल स्कैनिंग से असली जानकारी सामने आ जाती है।
भारत में आधार कार्ड बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, यात्रा और कई जरूरी सेवाओं से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल पहचान चोरी और धोखाधड़ी में तेजी से बढ़ रहा है। कई ठग असली आधार कार्ड की फोटो बदल देते हैं, नकली प्रिंट निकालते हैं, चोरी किए गए आधार नंबर इस्तेमाल करते हैं या फोटोकॉपी को डिजिटल तरीके से एडिट कर देते हैं।
आधार कार्ड की जानकारी शेयर करते समय हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए, बिना जरूरत किसी को आधार की कॉपी न दें और अनजान वेबसाइट्स पर आधार अपलोड करने से बचें। फर्जी वेरिफिकेशन लिंक पर क्लिक न करें और हमेशा भरोसेमंद प्लेटफॉर्म से ही आधार चेक करें। जहां संभव हो, Masked Aadhaar का इस्तेमाल करें ताकि आपका पूरा आधार नंबर किसी के सामने न आए। इससे आपकी पहचान और निजी जानकारी ज्यादा सुरक्षित रहती है।