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अंतरिक्ष में कैसे बनते हैं बड़े-बड़े ब्लैक होल? वैज्ञानिकों ने खोला नया रहस्य

अंतरिक्ष में मौजूद विशाल ब्लैक होल आखिर कैसे बनते हैं, इस रहस्य को लेकर वैज्ञानिकों ने एक थ्योरी बताई है। आइए जानते हैं क्या है ये नई स्टडी...

Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 11, 2026, 09:53 AM (IST)

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अंतरिक्ष में मौजूद सबसे बड़े ब्लैक होल आखिर कैसे बनते हैं, इसे लेकर वैज्ञानिकों के बीच लंबे समय से बहस चल रही थी। अब एक नई स्टडी ने इस रहस्य को काफी हद तक सुलझाने का दावा किया है। रिसर्च के अनुसार, विशाल ब्लैक होल सीधे किसी बड़े तारे के खत्म होने से नहीं, बल्कि कई छोटे ब्लैक होल के आपस में बार-बार टकराने और जुड़ने से बन सकते हैं। यह रिसर्च Gravitational Waves के डेटा पर आधारित है, जिन्हें LIGO, Virgo और KAGRA जैसी बड़ी Observatories ने रिकॉर्ड किया। वैज्ञानिकों ने 153 ब्लैक होल मर्जर की घटनाओं का एनालिसिस किया और पाया कि सबसे भारी ब्लैक होल का जन्म एक लंबे ‘Cosmic Chain Reaction’ से हो सकता है। यह खोज ब्रह्मांड को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

ब्लैक होल की स्पिन से क्या मिला नया संकेत?

इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल को दो अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा…

  • पहला ग्रुप छोटे और हल्के ब्लैक होल का था, जिनकी स्पिन यानी घूमने की दिशा एक जैसी और धीमी थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे ब्लैक होल बड़े तारों के कोर के ढहने से बनते हैं।
  • दूसरा समूह बेहद भारी ब्लैक होल का था, जिनकी स्पिन तेज और अलग-अलग दिशाओं में पाई गई। इससे संकेत मिला कि ये ब्लैक होल किसी एक तारे से नहीं बने, बल्कि कई ब्लैक होल के बार-बार टकराने और जुड़ने से तैयार हुए। रिसर्चर्स के मुताबिक, घने स्टार क्लस्टर यानी तारों के घने ग्रुप्स में इस तरह की टक्करों की संभावना ज्यादा होती है, जहां Gravity बेहद शक्तिशाली होती है।

Black Holes

अंतरिक्ष में कहां ब्लैक होल सबसे कम बनते हैं?

स्टडी में ‘Pair-Instability Mass Gap’ नाम की एक रहस्यमयी सीमा का भी जिक्र किया गया है, जिसे वैज्ञानिक ‘Forbidden Zone’ यानी प्रतिबंधित क्षेत्र कहते हैं। यह लगभग सूर्य के Mass से 50 से 130 गुना बड़े दायरे के बीच मौजूद होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस सीमा में आने वाले बहुत बड़े तारे, ब्लैक होल बनने के बजाय शक्तिशाली थर्मोन्यूक्लियर विस्फोट में पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। यही वजह है कि इस दायरे में ब्लैक होल बहुत कम देखने को मिलते हैं, लेकिन नई स्टडी में पाया गया कि करीब 45 Solar Mass से ज्यादा भारी ब्लैक होल की स्पिन और संरचना यह संकेत देती है कि वे दूसरे छोटे ब्लैक होल के अवशेषों से बने हैं, यानी ब्रह्मांड के सबसे बड़े ब्लैक होल शायद कई पुरानी टक्करों का नतीजा हैं।

यह खोज अंतरिक्ष विज्ञान के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि?

यह खोज इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इससे वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के विकास और ब्रह्मांड की संरचना को समझने में नई मदद मिलेगी। Gravitational Waves के जरिए अब ऐसी घटनाओं को सीधे रिकॉर्ड करना संभव हो गया है, जो पहले केवल सिद्धांतों तक सीमित थीं। रिसर्चर्स का कहना है कि आने वाले वर्षों में और ज्यादा डेटा मिलने पर यह साफ हो सकेगा कि ब्लैक होल की असली उत्पत्ति क्या है और ब्रह्मांड में उनकी भूमिका कितनी बड़ी है। यह अध्ययन प्रतिष्ठित जर्नल Nature Astronomy में प्रकाशित हुआ है और इसे आधुनिक खगोल विज्ञान की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

FAQ

विशाल ब्लैक होल आखिर कैसे बनते हैं?

नई स्टडी के अनुसार, विशाल ब्लैक होल किसी एक बड़े तारे के खत्म होने से नहीं, बल्कि कई छोटे ब्लैक होल के बार-बार टकराने और आपस में जुड़ने से बनते हैं।

इस रिसर्च में वैज्ञानिकों को क्या नया पता चला?

वैज्ञानिकों ने पाया कि भारी ब्लैक होल की स्पिन अलग-अलग दिशाओं में और काफी तेज होती है। इससे संकेत मिला कि वे कई ब्लैक होल मर्जर के बाद बने हैं।

Gravitational Waves क्या होती हैं?

Gravitational Waves अंतरिक्ष में पैदा होने वाली लहरें हैं, जो ब्लैक होल या न्यूट्रॉन स्टार जैसी टक्कर से बनती हैं। इन्हें LIGO, Virgo और KAGRA जैसी ऑब्जर्वेटरी रिकॉर्ड करती हैं।

Pair-Instability Mass Gap क्या है?

यह अंतरिक्ष का एक ऐसा दायरा है जहां बहुत बड़े तारे ब्लैक होल बनने के बजाय शक्तिशाली विस्फोट में पूरी तरह खत्म हो जाते हैं। इसलिए इस रेंज में ब्लैक होल बहुत कम पाए जाते हैं।

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यह खोज अंतरिक्ष विज्ञान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

इस खोज से वैज्ञानिकों को ब्लैक होल की उत्पत्ति, उनके विकास और ब्रह्मांड की संरचना को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी, साथ ही Gravitational Waves रिसर्च को भी नई दिशा मिलेगी।