Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Oct 07, 2025, 05:56 PM (IST)
Im Not a Robot CAPTCHA
ऑनलाइन फ्रॉड के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं और अब साइबर अपराधी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में रिपोर्ट में सामने आया है कि अपराधी AI का इस्तेमाल करके फिशिंग अटैक कर रहे हैं। इसके तहत वे यूजर्स को नकली कैप्चा पेज पर ले जाकर पासवर्ड और बाकी सेंसिटिव जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह कैप्चा पेज बिल्कुल असली कैप्चा जैसा दिखता है, जिसमें लिखा होता है ‘I’m Not a Robot’, लोग सोचते हैं कि यह सुरक्षित है लेकिन जैसे ही वे इसे पूरा करते हैं, उन्हें फिशिंग फॉर्म पर भेज दिया जाता है। और पढें: LPG Cylinder के नाम पर हो रही ठगी, नहीं रहे सावधान, मिनटों में खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अपराधी Vercel, Netlify और Lovable जैसे फ्री-होस्टिंग और वेबसाइट-बिल्डिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। जनवरी से सितंबर के बीच इन प्लेटफॉर्म पर कई नकली पेज बनाए गए और हजारों यूजर्स को निशाना बनाया गया। इन फर्जी कैप्चा पेज के जरिए अपराधी यूजर्स को पासवर्ड रीसेट, डिलीवरी एड्रेस बदलने या बाकी जरूरी मैसेज दिखाकर लिंक पर क्लिक करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद यूजर्स को असली फिशिंग फॉर्म पर ले जाया जाता है, जहां उनके अकाउंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मांगी जाती है। और पढें: Meta का बड़ा कदम, WhatsApp, Facebook और Messenger पर स्कैमर्स की छुट्टी, लॉन्च हुआ नया सुरक्षा फीचर
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब AI और ऑटोमेशन की मदद से अपराधी फिशिंग अटैक्स को तेजी से तैयार कर पा रहे हैं। Vercel और Netlify पर AI के जरिए नकली पेज बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है। कुछ प्लेटफॉर्म्स पर तो ‘वाइब कोडिंग’ जैसी सुविधाओं से बिना टेक नॉलेज के भी फिशिंग पेज तैयार किए जा रहे हैं। ऐसे में यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी भी ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से पहले हमेशा सेंडर का ईमेल एड्रेस और URL चेक करें। बैंक, ई-कॉमर्स या किसी भी सेवा से जुड़ी वेरिफिकेशन के लिए सीधे उनकी वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करना ही सुरक्षित तरीका है। और पढें: फोन में बैंकिंग ऐप खोलते ही मिलेगी चेतावनी, सिर्फ एंड्रॉयड यूजर्स के लिए आया ये खास सुरक्षा फीचर
यूजर्स को अपने अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा सस्पीशियस पेज पर कभी भी पासवर्ड, OTP या कार्ड डिटेल एंटर न करें। अगर किसी फॉर्म या कैप्चा में गड़बड़ी महसूस हो तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर संबंधित साइट पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने ब्राउजर के एक्सटेंशन और एंटी-फिशिंग टूल्स को नियमित अपडेट करते रहें। इन सावधानियों को अपनाकर ही आप ऑनलाइन फ्रॉड और AI आधारित फिशिंग अटैक्स से सुरक्षित रह सकते हैं।