Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 16, 2026, 10:52 AM (IST)
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Meta ने Facebook पर बढ़ रहे कॉपीकैट और नकली कंटेंट को रोकने के लिए नए टूल्स और अपडेटेड कंटेंट गाइडलाइंस पेश किए हैं। कंपनी का कहना है कि इन नए फीचर्स का मकसद क्रिएटर्स को उनकी ओरिजिनल कंटेंट की बेहतर सुरक्षा देना है। पिछले कुछ समय से कई यूजर्स शिकायत कर रहे थे कि फेसबुक पर AI से बना या कॉपी किया हुआ कंटेंट तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ओरिजिनल कंटेंट क्रिएटर्स को नुकसान हो रहा है। इसी समस्या को देखते हुए Meta ने नए टूल्स लॉन्च किए हैं जो क्रिएटर्स को यह पहचानने और रिपोर्ट करने में मदद करेंगे कि उनका कंटेंट किसी और ने कॉपी करके पोस्ट किया है या नहीं। कंपनी का दावा है कि इन अपडेट्स से प्लेटफॉर्म पर ओरिजिनल कंटेंट को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। और पढें: Meta का बड़ा कदम, WhatsApp, Facebook और Messenger पर स्कैमर्स की छुट्टी, लॉन्च हुआ नया सुरक्षा फीचर
Meta के अनुसार अब क्रिएटर्स को एक नया सेंट्रलाइज्ड डैशबोर्ड मिलेगा, जहां वे एक ही जगह से कॉपी किए गए कंटेंट की रिपोर्ट कर सकेंगे। पहले क्रिएटर्स को अलग-अलग जगह से रिपोर्ट करनी पड़ती थी, जिससे प्रक्रिया काफी मुश्किल हो जाती थी। यह टूल्स ओरिजिनल कंटेंट और डुप्लीकेट कंटेंट को मैच करके पहचान सकते हैं। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि ये टूल्स अभी उन AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो को नहीं पहचान सकते जिनमें किसी क्रिएटर की शक्ल या आवाज का इस्तेमाल किया गया हो। इसके बावजूद Meta का कहना है कि यह कदम कॉपी और फर्जी कंटेंट के खिलाफ एक बड़ा कदम है। और पढें: WhatsApp ने ग्लोबली जारी किया Status Ads और Promoted Channels फीचर्स, यूजर्स को मिलेगा ये फायदा
इसके साथ ही Meta ने फेसबुक की कंटेंट गाइडलाइंस को भी अपडेट किया है। अब कंपनी के मुताबिक वह कंटेंट ओरिजिनल माना जाएगा जिसे किसी क्रिएटर ने खुद फिल्माया या तैयार किया हो। इसके अलावा ऐसे रील्स भी ओरिजिनल माने जाएंगे जो किसी दूसरे कंटेंट को रीमिक्स करके उसमें नया विश्लेषण, चर्चा या अतिरिक्त जानकारी जोड़ते हैं। Meta का कहना है कि इन नियमों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि क्रिएटर्स की मेहनत का सही सम्मान हो और स्पैम या बिना मेहनत के बनाए गए पोस्ट कम दिखें। हाल के महीनों में कई यूज़र्स ने फेसबुक को AI स्लॉप यानी कम क्वालिटी वाले AI कंटेंट से भरा हुआ बताया था, जिसके बाद कंपनी ने इस पर सख्त कार्रवाई शुरू की है। और पढें: Instagram पर बच्चों की खतरनाक सर्च अब नहीं रहेगी सीक्रेट, पेरेंट्स को मिलेगा तुरंत अलर्ट
Meta का दावा है कि इन कदमों का असर भी दिखने लगा है। कंपनी के मुताबिक 2025 में फेसबुक पर ओरिजिनल कंटेंट देखने और उस पर बिताए गए समय में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पिछले साल करीब 2 करोड़ फेसबुक अकाउंट्स हटाए गए, जिससे बड़े क्रिएटर्स के खिलाफ आने वाली फर्जी पहचान से जुड़ी शिकायतों में 33% की कमी आई। सिर्फ Meta ही नहीं, बल्कि बाकी प्लेटफॉर्म भी AI से बने नकली कंटेंट की समस्या से जूझ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर YouTube ने हाल ही में अपने AI डीपफेक डिटेक्शन टूल्स को और बेहतर करने की घोषणा की है।