Written By Mona Dixit
Published By: Mona Dixit | Published: Nov 28, 2024, 10:41 AM (IST)
Xiaomi अपने स्मार्टफोन के लिए खुद की चिपसेट लाने वाला है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस चिप को अगले साल यानी 2025 में पेश किया जाएगा। अगर ये रिपोर्ट्स सही हुईं तो इससे शाओमी Apple, Samsung और Qualcomm जैसी कंपनी को कड़ी टक्कर दे पाएगी। इतना ही नहीं, शाओमी की इस पहल से कंपनी के डिवाइस की परफॉर्मेंस, लागत और भविष्य की टेक्नोलॉजी पर अधिक कंट्रोल करने में मदद करेगी। आइये, डिटेल में जानते हैं। और पढें: Apple ने फिर यूजर्स को दिया झटका, एक-साथ 2 सर्विस हुई महंगी... अब देने होंगे इतने रुपये
Google और Apple की तरह ही जल्द Xiaomi के स्मार्टफोन्स में भी कंपनी की इन-हाउस चिपसेट देखने को मिलेगी। शाओमी हमेशा से थर्ड-पार्टी कंपोनेंट पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश में रहा है। कंपनी पिछले काफी समय से इन-हाउस सेमीकंडक्टर डेवलपमेंट पर काम कर रही है। यह डेवलपमेंट खासतौर से AI और 5G कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में हो रहे हैं। और पढें: Mac और iPad के बाद अब Apple Music और Apple One भी हुए महंगे, जानें भारत में कितनी बढ़ी कीमतें
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2021 में कंपनी ने अपना पहला इन-हाउस AI चिप Surge S1 लॉन्च किया था, जो इसके Mi 5C स्मार्टफोन को पावर देता है। हालांकि, Surge S1 कोई गेम-चेंजर नहीं था। पिछले कुछ वर्षों में Xiaomi ने R&D में भी काफी निवेश किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने भविष्य के चिपसेट पर काम करने के लिए सेमीकंडक्टर इंजीनियरों की एक टीम बना रही है। और पढें: आपके iPhone में छिपे ये 5 कमाल के फीचर्स, आज ही करें ट्राई
बता दें कि कंपनी ने अपने कई डिवाइस में स्नैपड्रैगन प्रोसेसर के लिए क्वालकॉम के साथ साझेदारी की है। हालांकि, ऐसा लग रहा है कि चीनी कंपनी अब अपने स्मार्टफोन, टैबलेट और अपने स्मार्ट होम डिवाइस के लिए इन-हाउस चिपसेट डेवलप करने पर तेजी से काम कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो Xiaomi का अपकमिंग चिपसेट चीनी चिपमेकर SMIC (सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इंटरनेशनल कॉरपोरेशन) द्वारा डेवलप की जा रही है। यह एडवांस विनिर्माण प्रोसेस पर बेस्ड होगा, जिसमें 5nm या 3nm निर्माण तकनीकों का यूज करने की उम्मीद है।
इन चिप्स से प्रोसेसिंग पावर, ऊर्जा दक्षता और AI क्षमताओं के मामले में मौजूदा प्लेयर्स को टक्कर देने की उम्मीद है। कंपनी के खुद के चिपसेट से लैस डिवाइस की कीमत भी कम हो सकती है।