Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 01, 2026, 12:20 PM (IST)
Submarines
पनडुब्बियां (Submarines) दुनिया की सबसे बेस्ट Military Technology में गिनी जाती हैं। खासकर परमाणु पनडुब्बियां महीनों तक समुद्र के अंदर रहकर बिना GPS के भी अपने मिशन पूरे कर सकती हैं। अगर आपने किसी फिल्म या टीवी शो में पनडुब्बी देखी है, तो आपने गौर किया होगा कि अंदर कई बार लाल रंग की रोशनी दिखाई जाती है। यह केवल फिल्मों का प्रभाव बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि असल पनडुब्बियों में भी लाल रोशनी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण है, जो चालक दल की आंखें अंधेरे में देखने की क्षमता बनाए रखती हैं, जिससे वे जरूरत पड़ने पर आसानी से बाहर के अंधेरे माहौल में काम कर सकते हैं। और पढें: भारत ने बना ली सुपरफास्ट हाइपरसोनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी, DRDO ने की सफल टेस्टिंग
Human Eyes में दो प्रकार की कोशिकाएं होती हैं, जिन्हें रॉड्स (Rods) और कोन्स (Cones) कहा जाता है। और पढें: US-Israel-Iran War: क्या होती GPS Jamming, कैसे काम करती है और युद्ध में कहां किया जा रहा इसका यूज?
जब कोई व्यक्ति कुछ समय तक अंधेरे में रहता है, तो उसकी आंखें धीरे-धीरे कम रोशनी में देखने की आदी हो जाती हैं। इससे अंधेरे में चीजें देखना आसान हो जाता है, लेकिन अगर अचानक तेज सफेद लाइट पड़ जाए, तो आंखों की यह क्षमता कुछ समय के लिए कम हो जाती है और फिर से अंधेरे में देखने के लिए समय लगता है। लाल रोशनी का असर आंखों पर बहुत कम पड़ता है, इसलिए इसे इस्तेमाल करने से लोगों की अंधेरे में देखने की क्षमता बनी रहती है। और पढें: WION World Pulse: AI, ISR और Cyber Systems टेक्नोलॉजी बनेंगे सबसे बड़े हथियार, पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कही ये बड़ी बात
इसी वजह से पनडुब्बियों में लाल रोशनी का यूज किया जाता है। यह इतनी रोशनी देती है कि चालक दल Control Systems को आसानी से देख सके, लेकिन उनकी अंधेरे में देखने की क्षमता भी बनी रहती है। समुद्र की गहराई में सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती, इसलिए वहां दिन और रात का फर्क समझना मुश्किल होता है। ऐसे में लाल रोशनी अंदर का माहौल आरामदायक बनाए रखती है। साथ ही, यह लोगों की नींद पर भी कम असर डालती है, जिससे लंबे समय तक मिशन पर रहने वाले कर्मचारियों को बेहतर आराम मिलता है और वे स्वस्थ रहते हैं।
लाल रोशनी का इस्तेमाल सिर्फ पनडुब्बियों में ही नहीं होता। आज कई दूसरी जगहों पर भी इसका यूज किया जा रहा है। जैसे…
हालांकि इस पर अभी और रिसर्च चल रही है। कुल मिलाकर, पनडुब्बियों में लाल रोशनी का इस्तेमाल सिर्फ रोशनी देने के लिए नहीं होता, बल्कि यह चालक दल की आंखों, स्वास्थ्य और काम करने की क्षमता को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करती है।
लाल लाइट का इस्तेमाल चालक दल की अंधेरे में देखने की क्षमता (Night Vision) को बनाए रखने के लिए किया जाता है। इससे वे जरूरत पड़ने पर कम रोशनी वाले माहौल में भी आसानी से काम कर सकते हैं।
सफेद रोशनी आंखों की अंधेरे में देखने की क्षमता को जल्दी कम कर देती है, जबकि लाल रोशनी का प्रभाव कम होता है। इसलिए आंखें अंधेरे में काम करने के लिए बेहतर बनी रहती हैं।
ज्यादातर आधुनिक सैन्य पनडुब्बियां मिशन की जरूरत के अनुसार लाल रोशनी का इस्तेमाल करती हैं, खासकर तब जब अंधेरे वातावरण में काम करना हो।
लाल रोशनी का यूज Military planes, Ships, Observatories, कुछ स्ट्रीट लाइट्स और रेड लाइट थेरेपी जैसी कई जगहों पर भी किया जाता है।