Published By: Rohit Kumar | Published: May 11, 2023, 10:02 AM (IST)
National Technology Day 2023: आज 25वां टेक्नोलॉजी डे मनाया जा रहा है और किसी भी देश के विकास में तकनीक की अहम भूमिका होती है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। यह दिन देश के विकास में इंजीनियर, वैज्ञानिक की महत्वपूर्ण भूमिका और उनको श्रेय देने के लिए खास है। नेशनल टेक्नोलॉजी डे के इतिहास की बात करें तो यह भारत की दो बड़े नाम के साथ जुड़ा हुआ है, जिनके नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेई और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जुड़ा है। और पढें: 11 मई को क्यों मनाया जाता है National Technology Day? PM ने टेक्नोलॉजी को बताया आत्मनिर्भर भारत का अहम स्तंभ
नेशनल टेक्नोलॉजी डे का हर साल एक नया थीम होता है, उसी के साथ उसे मनाया जाता है। इस साल टेक्नोलॉजी डे की थीम स्कूल टू स्टार्टअप्स-इग्नाइटिंग यंग माइंड्स टू इनोवेट निर्धारित की है। बताते चलें कि यह नेशनल टेक्नोलॉजी डे का 25वां दिन है। और पढें: National Technology Day 2025: 11 मई को क्यों मनाया जाता है नेशनल टेक्नोलॉजी डे? इतिहास में लिखा भारत का भविष्य
साल 1998 में पोखरण-2 न्यूक्लियर टेस्ट में एक बड़ी सफलता हाथ लगी थी। इस परीक्षण का नेतृत्व तत्कालीन राष्ट्रपति कर रहे थे। न्यूक्लियर टेस्ट करने वाला भारत दुनिया का छठा देश बन गया था। इसके बाद अमेरिका की तरफ से भारत पर कई प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन पश्चिमी ताकत के आगे भारत ने घुटने नहीं ठेके। और पढें: National Technology Day 2023: सत्या नडेला से सुंदर पिचाई तक, ये भारतीय हैं ग्लोबल कंपनियों के CEO
नेशनल टेक्नोलॉजी डे को 11 मई पर मनाने के पीछे की कहानी जानते हैं। इससे पहले 1974 में पोखरण-1 का न्यूक्लियर टेस्ट किया जा चुका था, जिसे स्माइलिंग बुद्धा नाम से जाना जाता है। पोखरण-2 को लेकर बात करें तो भारतीय सेना ने परीक्षण रेंज में पांच न्यूक्लियर धमाके किए थे। इस परमाणु परीक्षण का कोड का नाम शक्ति-I न्यूक्लियर था। परमाणु परीक्षण में मिली सफलता के बाद ही तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को दिन नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर घोषित किया।