Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jun 14, 2023, 01:59 PM (IST)
मेटा (Meta) ने हाल ही में AI बेस्ड इमेज क्रिएशन मॉडल I-JEPA को लॉन्च किया। इस दौरान कंपनी के चीफ वैज्ञानिक Yann LeCun ने जनरेटिव एआई ChatGPT के पीछे इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि जीपीटी के पीछे जिस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, वो अब अंतिम कगार पर है। और पढें: Instagram Plus Premium हो गया लॉन्च, पैसे देकर अब प्रीमियम फीचर्स कर सकेंगे एक्सेस
Yann LeCun ने यह भी कहा कि AI और मशीन लर्निंग वास्तव में बेकार है। इंसानों के पास सामान्य ज्ञान है, लेकिन मशीनों के पास नहीं। उन्होंने आगे कहा कि जनरेटिव मॉडल अतीत हैं, हमें इन्हें छोड़ना होगा। मेरी प्रीडिक्शन है कि आने वाले समय में जनरेटिव मॉडल का कोई भी इस्तेमाल नहीं करेगा। हमें इससे बेहतर मॉडल तैयार करने होंगे। और पढें: Instagram, WhatsApp और Facebook चलाने के लिए देने होंगे पैसे, आ गए नए सब्सक्रिप्शन प्लान
आपको बता दें कि लेकन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एक प्रमुख विचारक हैं। उनका मानना है कि इस टेक्नोलॉजी से जुड़ा डर और एक्साइटमेंट इसकी क्षमताओं को व्यापक रूप से बढ़ाते हैं। उन्होंने पिछले साल लॉन्च हुए GPT और Dall-E की काफी आलोचना की थी। और पढें: Instagram और Facebook पर बच्चे क्या देखते हैं, अब जान पाएंगे माता-पिता, Meta ने इस टूल्स को किया और ज्यादा एडवांस
जेईपीए कंपनी का इमेज क्रिएशन मॉडल है। इसे खासतौर पर शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसकी खूबी है कि यह अधूरी इमेज के बैकग्राउंड को समझकर उसको पूरा तैयार करता है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल मौजूदा मॉडल के मुकाबले काफी बेहतर है।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने कहा कि कंपनी द्वारा बनाए गए मॉडल से इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, कंपनी की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। इससे कॉस्ट को भी कम किया जा सकेगा।
टेक कंपनी मेटा ने कुछ दिन पहले मेटामेट चैटबॉट को लॉन्च किया था। यह चैटबॉट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करता है। इसे खासतौर पर कंपनी के कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया है। यह टूल कर्मचारियों को मीटिंग के प्वाइंट कलेक्ट करने, कोड लिखने और सुविधाओं को डिबग करने में मदद करता है।
मेटा ने इस साल मार्च में वेरिफिकेशन सर्विस को लॉन्च किया था। इस सेवा के तहत यूजर्स अपने Facebook और Instagram पर वेरिफाइड टिक पा सकते हैं। इसके लिए यूजर्स को 599 रुपये प्रति माह देने होंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कंपनी ने ब्लू टिक सेवा को सबसे पहले अमेरिका में रोलआउट किया था।