Published By: Harshit Harsh | Published: Feb 21, 2023, 10:17 AM (IST)
Android दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। करोड़ों यूजर्स एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर बेस्ड स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। सैकड़ों स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी Android ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। ये स्मार्टफोन कंपनियां अलग-अलग एंड्रॉइड पर बेस्ड कस्टमाइज्ड स्किन यानी यूजर इंटरफेस का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, हर एंड्रॉइड स्मार्टफोन का ओवरऑल एक्सपीरियंस लगभग एक जैसा होता है। और पढें: WhatsApp जल्द ला रहा है ये कमाल का फीचर, 15 मिनट में अपने आप डिलीट होंगे मैसेज
गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए Android प्लेटफॉर्म में कई बदलाव करने वाला है। गूगल का यह फैसला सरकारी एजेंसी CCI के आदेश के बाद आया है। आइए, जानते हैं गूगल द्वारा Android एक्सपीरियंस में किए जाने वाले इन बदलाव के बारे में.. और पढें: Huawei MatePad 11.5 और MatePad SE 11 की पूरी डिटेल Flipkart लिस्टिंग में आई सामने, भर-भर के मिलेंगे फीचर्स
Google भारतीय यूजर्स के लिए गूगल मोबाइल सर्विस (GMS) रोल आउट करने वाला है। इसे भारत में इस्तेमाल होने वाले सभी Android स्मार्टफोन के लिए लाया जाएगा। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल का यह नया अपडेट ऑप्शनल गूगल ऐप्स के लिए होगा यानी इस अपडेट के बाद यूजर्स अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में से गूगल ऐप्स को अनइंस्टॉल कर सकेंगे। और पढें: Play Store के बाहर App इंस्टॉल करना होगा मुश्किल, Google ने Android फोन के लिए नए नियम का किया ऐलान
नए मोबाइल एप्लीकेशन डिस्ट्रीब्यूशन एग्रीमेंट (IMADA) और गूगल के बीच हुए एक एग्रीमेंट के मुताबिक, Android स्मार्टफोन में डिफॉल्ट के तौर पर केवल Google Play Store पहले से इंस्टॉल रहेगा। फिलहाल किसी भी एंड्रॉइड स्मार्टफोन में गूगल के 11 मुख्य ऐप्स इंस्टॉल रहते हैं। नए करार में स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां को प्रति ऐप बाउंटी ऑफर करेगा, जिसमें एंड्रॉइड स्मार्टफोन कंपनियां गूगल के इन ऐप्स को ऑप्शनल तरीके से इंस्टॉल करेंगे।
IMADA ने स्मार्टफोन कंपनियों को यह भी कहा है कि उन्हें गूगल के सर्च बार, गूगल ऐप फोल्डर और प्ले स्टोर आइकन को मेन स्क्रीन पर रखने की जरूरत नहीं है। इस एग्रीमेंट के मुताबिक, भारतीय यूजर स्मार्टफोन सेटअप करते समय अपने मुताबिक, डिफॉल्ट सर्च इंजन सेट कर सकते हैं। भारत के अलावा यूरोप में भी गूगल अपने ऐप्स को जबरदस्ती स्मार्टफोन में इंस्टॉल नहीं कर पाएगा। Google का यह बदलाव जल्द ही भारत में मिलने वाले Android स्मार्टफोन में देखने को मिलेगा। हालांकि, गूगल ने फिलहाल इस बदलाव के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।