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Google Play Store की पेमेंट पॉलिसी से नाराज गेमिंग इंटस्ट्री, 30 प्रतिशत टैक्स को बताया 'रंगदारी'

भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री गूगल द्वारा लिए जाने वाले 30 प्रतिशत कमीशन को 'रंगदारी' कहा है। गूगल गेमर्स से इन-गेम परचेज के लिए प्ले स्टोर का इस्तेमाल करने पर यह कमीशन लेता है। एप्पल भी यूजर्स से इसी तरह का कमीशन वसूलता है।

Published By: Harshit Harsh | Published: Apr 25, 2023, 01:30 PM (IST)

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Highlights

  • Google Play Store की पॉलिसी पर भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री ने नाराजगी जताई है।
  • भारतीय गेमिंग CEO ने गूगल के इस टैक्स की तुलना 'रंगदारी' से की है।
  • गूगल के अलावा एप्पल भी इन-ऐप परचेज पर इस तरह का टैक्स लेता है।
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Google अपनी पॉलिसी को लेकर कई बार विवादों में आ चुका है। गूगल प्ले स्टोर की रेवेन्यू शेयरिंग पॉलिसी की वजह से भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री के CEO काफी नाराज हैं। भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री पर गूगल की इस कमीशन वाली पॉलिसी का नकारात्मक असर पर रहा है। भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री के टॉप CEOs ने गूगल की इस पॉलिसी की तुलना पुराने जमाने में चलने वाली ‘जागिरदारी’ प्रथा से की है। वहीं, एक CEO ने गूगल के इस कमीशन को ‘रंगदारी’ कहा है। news और पढें: Android यूजर्स के लिए आया काम का फीचर, अपने आप बन जाएगा जरूरी फाइल का बैकअप

Consilience 2023 कार्यक्रम के दौरान पैनल डिस्कशन में भाग लेने वाले भारतीय गेमिंग CEO ने गूगल की मनमानी पर सवाल खड़े किए हैं। इस कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया गेम डेवलपर्स ने लॉ एंड टेक्नोलॉजी सोसाइटी (L-Tech) और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया (NLSIU) के साथ मिलकर किया था। news और पढें: हर हफ्ते 10 करोड़ भारतीय चला रहे हैं ChatGPT, Sam Altman का बड़ा खुलासा

भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री नाराज

IndiGG गेमिंग कंपनी के CEO मनीष अग्रवाल ने गूगल द्वारा वसूले जाने वाले इस टैक्स को ‘जागिरदारी’ कहा है। मनीष अग्रवाल ने कहा- ‘GST के ऊपर 30 प्रतिशत का अतिरिक्त कर ग्राहकों के लिए बड़ा खर्च है, जो किसी गेमर के लिए अनप्रोडक्टिव है।’ वहीं, MPL के को-फाउंडर साई श्रीनिवास ने गूगल द्वारा लिए जाने वाले कमीशन को कम करने की पैरवी करते हुए कहा कि 30 प्रतिशत का कमीशन अमेरिका जैसे एडवांस इकोनॉमी के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन भारतीय गेम डेवलपर्स को ज्यादा रेवेन्यू की जरूरत है, ताकि वो गेम डेवलपमेंट में इन्वेस्ट कर सके। news और पढें: Google ने लॉन्च किया Android 17 Beta, भर-भर के मिलेंगे फीचर्स

क्या है गूगल का 30% टैक्स?

Google ने यह पॉलिसी बनाई है कि जो भी ग्राहक किसी गेम में इन-गेम परचेज करने के लिए गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल करते हैं, उसका 30 प्रतिशत टैक्स कमीशन के तौर पर हर ट्रांजैक्शन पर गेम डेवलपर्स से लिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर कोई गेमर गूगल प्ले स्टोर का इस्तेमाल करके किसी गेम में 100 रुपये का इन-गेम परचेज करता है, तो 30 रुपये गूगल को कमीशन के तौर पर मिलेगा, जबकि केवल 70 रुपये गेम डेवलपर को जाएगा।

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Google ही नहीं Apple भी इन कंपनियों से इन-ऐप परचेज पर 30 प्रतिशत का टैक्स वसूलता है, जिसे Apple tax कहा जाता है। Krafton India के CEO सीन ह्यूनिल ने कहा कि गूगल द्वारा वसूले जाने वाले इस टैक्स को लेकर सरकार को कदम उठाना होगा, ताकि थर्ड-पार्टी स्टोर के लिए गेम डेवलपर्स को प्रोत्साहन मिल सके।