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Google ने पेश किया Credential Manager का नया वर्जन, लॉग-इन प्रोसेस पहले से ज्यादा होगा आसान

Google के Credential Manager का नया वर्जन रिलीज हुआ है। इस API के जरिए ऐप डेवलपर्स साइन-इन प्रोसेस को आसान बना सकेंगे।

Published By: Ajay Verma | Published: Feb 07, 2023, 05:03 PM (IST)

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Highlights

  • Google के Credential Manager का नया वर्जन पेश किया है।
  • ऐप डेवलपर्स इस API की मदद से लॉग-इन प्रोसेस को आसान बना सकेंगे।
  • इस API को जल्द यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा।
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टेक कंपनी Google ने Credential Manager का अपग्रेडेड वर्जन पेश किया है। इस नए जेटपैक API की मदद से ऐप डेवलपर्स साइन-इन प्रोसेस को आसान बना सकेंगे, जिससे यूजर्स को ऐप में लॉग-इन करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। कंपनी का दावा है कि इस एपीआई के आने से यूजर्स का डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। news और पढें: 2000 रुपये से कम महीने पर मिल रहे iPhone 15 समेत ये धांसू फोन, अभी खरीदने का बेस्ट टाइम

मल्टीपल ऑथेंटिकेशन मेथड को करता है सपोर्ट

कंपनी ने कहा कि क्रेडेंशियल मैनेजर का नया एपीआई यूजर नेम/पासवर्ड और पास-की जैसे मल्टीपल साइन-इन मेथड्स को सपोर्ट करता है। कंपनी ने आगे ये भी कहा कि ऑथेंटिकेशन मेथड सपोर्ट करने के अलावा यह एपीआई साइन-इन इंटरफेस को सरल बनाएगा, जिससे यूजर्स के लिए ऐप्स में लॉग-इन करना बहुत आसान हो जाएगा और इससे उनका अनुभव भी बेहतर होगा। news और पढें: Google लेकर आया बिना स्क्रीन वाला फिटनेस बैंड, फुल चार्ज में 7 दिन चलेगी बैटरी

Credential Manager कैसे करता है काम

गूगल निर्मित क्रेडेंशियल मैनेजर यूजर्स को पास-की (Pass Keys) बनाने की अनुमति देता है, जिसे वह गूगल पासवर्ड मैनेजर में स्टोर कर सकते हैं। खाास बात यह है कि इस एपीआई द्वारा बनाई गई पास-की उन सभी डिवाइस में काम करती है, जिनमें एक ही गूगल अकाउंट से साइन-इन किया गया है। कंपनी का मानना है कि इससे यूजर्स बिना किसी रुकावट के सभी ऐप्स में लॉग-इन कर सकेंगे।

कब तक रोलआउट होगा यह API

गूगल के मुताबिक, Credential Manager को जल्द थर्ड-पार्टी पासवर्ड मैनेजर प्लेटफॉर्म के लिए रोलआउट किया जाएगा।

Brad हुआ रिलीज

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल ने हाल ही में आर्टिफिशिअल इंटेलीजेंस तकनीक सपोर्ट करना वाला टूल पेश किया है, जिसका नाम Brad है। यह टूल लार्ज लैंग्वेज मॉडल यानी लैंग्वेज मॉडल फॉर डायलॉग अप्लीकेशन (LaMDA) पर काम करता है।

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कयास लगाएं जा रहे हैं कि Brad टूल को अगले हफ्ते यूजर्स के लिए रिलीज किया जा सकता है, हालांकि कंपनी ने अभी तक रोलआउट की तारीख का ऐलान नहीं किया है। वहीं, इस टूल से ChatGPT को जोरदार टक्कर मिलेगी।