Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 17, 2026, 12:22 PM (IST)
Apple
Apple अपने प्राइवेसी फीचर Hide My Email में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। यह फीचर iCloud+ सब्सक्रिप्शन का हिस्सा है और उन यूजर्स के बीच काफी फेमस है जो ऑनलाइन अकाउंट बनाते समय अपना असली ईमेल एड्रेस शेयर नहीं करना चाहते। Hide My Email की मदद से यूजर्स को एक अलग और रैंडम ईमेल एड्रेस मिलता है, जिसके जरिए वे किसी वेबसाइट या ऐप पर Sign Up कर सकते हैं। उस एड्रेस पर आने वाले सभी ईमेल अपने आप यूजर के असली ईमेल इनबॉक्स में फॉरवर्ड हो जाते हैं। इससे स्पैम कम होता है और व्यक्तिगत जानकारी भी सुरक्षित रहती है, लेकिन अब Apple इस फीचर में ऐसा बदलाव करने जा रहा है, जिसे लेकर प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ सकती है। और पढें: क्या Apple का Hide My Email फीचर आपके ईमेल को पूरी तरह सुरक्षित रखता है? जानिए सच्चाई
Apple ने डेवलपर्स को भेजे गए एक नोट में बताया है कि आने वाले हफ्तों में Hide My Email के जरिए बनाए जाने वाले नए ईमेल एड्रेस को एक नए डोमेन @private.icloud.com पर शिफ्ट किया जाएगा। अभी तक ये ईमेल एड्रेस सामान्य @icloud.com डोमेन के तहत बनाए जाते थे। पहली नजर में यह बदलाव छोटा लग सकता है, क्योंकि Apple ने साफ किया है कि पहले से मौजूद सभी Hide My Email एड्रेस पहले की तरह काम करते रहेंगे और ईमेल फॉरवर्डिंग में भी कोई रुकावट नहीं आएगी, हालांकि नए डोमेन की वजह से इन ईमेल एड्रेस की पहचान करना पहले की तुलना में काफी आसान हो सकता है।
एक्सर्ट्स का मानना है कि नए @private.icloud.com डोमेन से वेबसाइट्स और ऐप्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई यूजर असली ईमेल की बजाय Hide My Email का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में कुछ प्लेटफॉर्म चाहें तो इस तरह के ईमेल एड्रेस से बनाए गए अकाउंट्स को ब्लॉक भी कर सकते हैं या उन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगा सकते हैं, यानी जिस फीचर का मकसद यूजर्स की पहचान छिपाना था, वही अब एक अलग डोमेन की वजह से आसानी से पहचाना जा सकेगा।
Apple ने यह नहीं बताया है कि यह बदलाव जानबूझकर गुमनाम ईमेल की पहचान आसान बनाने के लिए किया जा रहा है या नहीं, लेकिन यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में Online Safety, Misinformation और Age Verification जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो रही है। कई सरकारें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इंटरनेट पर यूजर्स की पहचान को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहे हैं, जबकि दूसरी ओर लोग अपनी Privacy और Digital Security को बचाने के लिए नए तरीके तलाश रहे हैं।