Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jan 10, 2026, 01:16 PM (IST)
Grok Imagine
Elon Musk का Grok AI बिकिनी ट्रेंड और अश्लील डीपफेक कंटेंट के कारण आलोचना झेल रहा है। हाल ही में भारत समेत दुनिया के अलग-अलग देशों की सरकारों की ओर से दिए गए अल्टीमेटम के बाद मस्क ने अपने चैटबॉट को लेकर अहम निर्णय लिया है। अब इस AI प्लेटफॉर्म पर हर कोई इमेज नहीं बना सकेगा। इसके लिए यूजर्स को सब्सक्रिप्शन लेना होगा। इससे पहले प्लेटफॉर्म पर सभी यूजर्स को इमेज बनाने की सुविधा मिलती थी, चाहे वो वेरिफाइड हो या नहीं। और पढें: Elon Musk ने X और Grok AI के जरिए लॉन्च किया ये खास फीचर, अब फोटो में दिखेगा Santa Claus, जानें कैसे
Elon Musk के फैसले के बाद अब Grok पर सिर्फ ब्लू टिक वाले पेड वेरिफाइड यूजर्स की इमेज बना सकेंगे। इसके एडिटिंग इमेज का सपोर्ट केवल ऐप और वेबसाइट पर मिलेगा। X में जाकर एडिटिंग टूल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। और पढें: Android Devices के लिए खास Gemini का जल्द आने वाला है बड़ा अपडेट, मिलेगा ये काम का फीचर
कंपनी का मानना है कि Grok के फोटो एडिटिंग टूल को पेड करने से उन यूजर की पहचान आसानी से की जा सकेगी, जिन्होंने आपत्तिजनक इमेज बनाई हैं। इससे उन पर कार्रवाई करना बहुत सरल हो जाएगा। इस कदम से डीपफेक फोटो पर लगाम लगेगी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सुरक्षित हो जाएगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि X के AI चैटबॉट Grok पर अश्लील और आपत्तिजनक इमेज बनाई गई, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब वायरल हुई। इनमें महिलाओं और बच्चों की फोटो शामिल थी। इसको लेकर खूब बवाल मचा और ट्रेंड की आलोचना भी हुई। प्लेटफॉर्म की सुरक्षा नीति पर सवाल उठे। भारत सरकार ने इस मुद्दे पर एक्स से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं, ब्रिटेन ने चैटबॉट को बैन करने की चेतावनी दी। इस वजह से एलन मस्क ने ग्रुक की इमेज क्रिएटिंग स्किन को पेड किया है।
भारत सरकार ने बिकनी ट्रेंड की आलोचना कर कड़ा रुख अपनाया। सरकार ने कंपनी से कहा कि ऐसे अश्लील कंटेंट को देश में वायरल होने नहीं दिया जाएगा। कंपनी को कंटेंट जल्द से जल्द हटाना होगा। साथ ही, यह भी बताना होगा कि इस तरह के कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर चिंता जाहिर की है। एक्स पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई है। अगर एक्स अपने प्लेटफॉर्म से इस कंटेंट को नहीं हटाता है, तो उसके प्लेटफॉर्म को बैन भी किया जा सकता है।