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छात्र आंदोलन में पीएम मोदी पर विवादित पोस्ट करने वालों की बढ़ी टेंशन, कई अकाउंट्स आए निशाने पर

जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्टों पर दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू किया है। आखिर इसकी क्या है वजह...

Edited by Ashutosh Ojha |Published: Jul 29, 2026, 12:34 PM (IST)

दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्र पेपल लीक को लेकर आंदोलन कर रहे थे। जिसके बाद सरकार ने उनकी मांगे मानी और धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से रिजाइन कर दिया। आपको बता दें इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुरक्षा बलों के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणियां भी की थी।

अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई शुरू हो गई है और पुलिस ने X पर कई अकाउंट्स को नोटिस भेज दिया है। जिसके बाद इनके जरिए संबंधित अकाउंट्स से उन लोगों की जानकारी मांगी गई है जिन्होंने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट किए थे। इनमें कुछ न्यूज पोर्टल्स के अकाउंट भी शामिल बताए जा रहे हैं।

हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि कुल कितने अकाउंट्स को नोटिस भेजे गए हैं। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स की लगातार जांच की जा रही है ताकि कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट की पहचान की जा सके।

सोशल मीडिया की निगरानी कैसे कर रही है दिल्ली पुलिस?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, छात्र प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में ऐसे पोस्ट सामने आए थे। जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।

  • पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम लगातार अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही है।
  • अगर कोई आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो मिलता है, तो संबंधित सोशल मीडिया कंपनी को नोटिस भेजकर उसे हटाने के लिए कहा जाता है।
  • पुलिस का दावा है कि ऐसे कई पोस्ट और वीडियो पहले ही हटाए जा चुके हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सोशल मीडिया पर ऐसे कंटेंट को रोकना है जो कानून-व्यवस्था पर असर डाल सकता है या लोगों को भड़काने का काम कर सकता है।

क्या पाकिस्तान से जुड़े हैं ये सोशल मीडिया हैंडल्स?

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने यह भी दावा किया था कि उसने 400 से ज्यादा ऐसे सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की है, जिनका संबंध कथित तौर पर पाकिस्तान से था। इससे जरिए ये छात्र आंदोलन से जुड़े फर्जी दावे, अफवाहें और डीपफेक वीडियो फैलाते थे।

पुलिस का कहना है कि इन हैंडल्स के जरिए लोगों को गुमराह करने और माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी। इसी वजह से साइबर और सोशल मीडिया टीमें ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं सोशल मीडिया के जरिए गलत जानकारी फैलाकर हिंसा या तनाव बढ़ाने की कोशिश तो नहीं की गई।

किन मामलों में कार्रवाई हो सकती है?

दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी और छात्र आंदोलन से जुड़े सभी ऑनलाइन पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स की जांच की जाएगी। अगर किसी कंटेंट में कानून का उल्लंघन या आपत्तिजनक चीजें पाई जाती है तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को उसे हटाने के लिए नोटिस भेजा जाएगा।

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इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पोस्ट करने वाले लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन किसी भी व्यक्ति, संवैधानिक पद या सुरक्षा बलों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक, भड़काऊ या कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।