Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited by Ashutosh Ojha |Published: Jul 28, 2026, 01:53 PM (IST)
PM Modi Facebook video
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ समय पहले एक वीडियों बनाई थी। जिसमें पेपल लीक को लेकर जंतर मंतर पर प्रोस्टेट कर रहे छात्रों के लिए एक जरूरी मैसेज था। लेकिन इसको बाद में फेसबुक से हटा दिया गया था। अब कंपनी ने इसके लिए माफी मांगी है और कहा यह जानबूझकर नहीं हुआ था, बल्कि एक तकनीकी गड़बड़ी थी। मेटा कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, वीडियो गलती से हट गया था और बाद में उसे दोबारा ठीक कर दिया गया।
ये वीडियों पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी ने फेसबुक पर शेयर किया था, लेकिन कुछ समय बाद वह देश में दिखाई देना बंद हो गया। उस दौरान यूजर्स को स्क्रीन पर यह मैसेज दिखाई दे रहा था कि यह पोस्ट भारत में कानूनी अनुरोध के कारण उपलब्ध नहीं है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए और इसे बड़ी टेक कंपनियों की मनमानी बताया। वहीं Meta ने स्पष्ट किया कि यह किसी कानूनी कार्रवाई की वजह से नहीं, बल्कि तकनीकी दिक्कत के कारण हुआ था।
Meta releases a statement on blocking PM Modi’s video on Facebook.
“The content was removed in error and has since been restored.” says a Meta Spokesperson. pic.twitter.com/SZ082SY5kw
— ANI (@ANI) July 28, 2026
IANS की रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय MeitY ने मेटा के अधिकारियों को तलब किया है। सरकार यह जानना चाहती है कि आखिर प्रधानमंत्री का वीडियो किस वजह से प्रतिबंधित हुआ और यूजर्स को कानूनी अनुरोध वाला संदेश क्यों दिखाया गया। हालांकि, कंपनी ने अपनी ओर से साफ किया है कि वीडियो गलती से हटा था।
पीएम मोदी के इस वीडियो में पेपर लीक के मुद्दे और उससे निपटने के लिए सरकार की योजनाओं की बात की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने और कानून को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। आपको बात दें प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा अपनी बात युवाओं तक पहुंचाने के लिए के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं।