Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jun 08, 2026, 10:10 AM (IST)
China underwater data center
चीन ने डेटा सेंटर से जुड़ी बढ़ती बिजली, पानी और जमीन की जरूरतों का समाधान खोजने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। देश ने मई 2026 में दुनिया का पहला Wind Power से चलने वाला अंडरवॉटर डेटा सेंटर शुरू किया है। यह डेटा सेंटर शंघाई के तट के पास समुद्र में करीब 32 फीट की गहराई पर बनाया गया है। इसे Shanghai Hailanyun Technology (HiCloud) ने सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर तैयार किया है। इसके आसपास 50 से ज्यादा विंड टर्बाइन लगाए गए हैं, जो इसे साफ और Renewable Energy देते हैं। इस डेटा सेंटर में करीब 2000 सर्वर हैं और पूरी क्षमता पर यह 24 मेगावाट बिजली इस्तेमाल करेगा। कंपनी का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी भविष्य में डेटा सेंटर की बिजली, पानी और जगह से जुड़ी बड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है।
डेटा सेंटर चलाने के लिए काफी जमीन, बिजली और कूलिंग की जरूरत होती है। आमतौर पर डेटा सेंटर अपनी बहुत-सी बिजली सिर्फ सर्वरों को ठंडा रखने में खर्च कर देते हैं लेकिन इस अंडरवॉटर डेटा सेंटर में समुद्र का ठंडा पानी ही नेचुरल कूलिंग का काम करेगा। इससे ताजे पानी की जरूरत काफी कम हो जाएगी और बिजली की भी बचत होगी। साथ ही इसे चलाने के लिए जमीन पर ज्यादा जगह की जरूरत नहीं पड़ेगी। HiCloud का कहना है कि अगर यह परियोजना सफल रहती है, तो कंपनी भविष्य में 500 मेगावाट क्षमता वाला और भी बड़ा अंडरवॉटर डेटा सेंटर बनाने की योजना बना रही है।
यह HiCloud का पहला अंडरवॉटर डेटा सेंटर नहीं है। कंपनी इससे पहले 2023 में चीन के हैनान प्रांत के तट के पास समुद्र के अंदर डेटा सेंटर लगा चुकी है। कंपनी का दावा है कि उस परियोजना की मदद से हर साल लगभग 26,000 टन पानी की बचत होती है और Carbon Emissions भी कम होता है, हालांकि कुछ विशेषज्ञों को चिंता है कि समुद्र के अंदर ऐसे डेटा सेंटर बनाने से समुद्री जीवों और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि सर्वरों से निकलने वाली गर्मी आसपास के पानी को गर्म कर सकती है, लेकिन HiCloud का कहना है कि हैनान प्रांत परियोजना के आसपास पानी का तापमान 1 डिग्री सेल्सियस से भी कम बढ़ा है और कई मछलियां इन मॉड्यूल्स के आसपास रहती हुई देखी गई हैं।
इस परियोजना का आइडिया काफी हद तक Microsoft के अंडरवॉटर डेटा सेंटर प्रयोग से मिला है। 2018 में Microsoft ने स्कॉटलैंड के तट के पास Project Natick के तहत समुद्र के अंदर एक डेटा सेंटर लगाया था। कंपनी ने करीब दो साल तक 855 सर्वरों को बिना किसी कर्मचारी की मौजूदगी के सफलतापूर्वक चलाया था, हालांकि समुद्र के अंदर डेटा सेंटर बनाना आसान नहीं है। खारे पानी की वजह से मशीनों और केबलों में जंग लग सकती है, वहीं मरम्मत और हार्डवेयर बदलना भी काफी मुश्किल होता है। इसके बावजूद चीन की यह नई परियोजना दिखाती है कि भविष्य में डेटा सेंटर को कम एनर्जी खर्च करने वाला और पर्यावरण के लिए बेहतर बनाया जा सकता है।
यह डेटा सेंटर चीन के शंघाई तट के पास समुद्र में करीब 32 फीट की गहराई पर बनाया गया है।
इसे आसपास लगे 50 से अधिक विंड टर्बाइन से मिलने वाली Wind Power से बिजली मिलती है।
समुद्र का ठंडा पानी सर्वरों को नेचुरल तरीके से ठंडा रखता है, जिससे बिजली और ताजे पानी की बचत होती है।
कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई है, लेकिन कंपनी का दावा है कि आसपास के पानी का तापमान 1°C से भी कम बढ़ा है और कई मछलियां इसके आसपास देखी गई हैं।
इसकी प्रेरणा Microsoft के 2018 के अंडरवॉटर डेटा सेंटर प्रोजेक्ट Natick से मिली, जिसमें समुद्र के अंदर सर्वरों को सफलतापूर्वक चलाया गया था।