ChatGPT (Chat Generator Pre-Trained Transfor) AI टूल लॉन्च होने के बाद से चर्चा में बना हुआ है। कई साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एडवांस AI टूल हमारी डेली लाइफ को काफी आसान बना देगा। वहीं, कई एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि इसके कई दुष्परिणाम हो सकते हैं। इसके लॉन्च के बाद से कई बड़ी टेक कंपनियां ChatGPT जैसी ही AI टेक्नोलॉजी लाने की तैयारी में जुट गई है। Google ने BardAI टूल पेश किया, जिसे जल्द ही गूगल के सर्च इंजन में इटिग्रेट किया जाएगा। और पढें: ChatGPT की इन 7 बातों पर कभी आंख बंद करके भरोसा न करें! एक बार जरूर करें चेक
चैट जीपीटी को लेकर Facebook, Instagram, WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने दावा किया है कि यह AI टूल क्रिप्टोकरेंसी से भी बड़े स्कैम को अंजाम दे सकता है। Meta के चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर Guy Rosen ने प्रेस ब्रिफिंग के दौरान कहा कि “ChatGPT अब नया Crypto है।” रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा के CIS का ईशारा इस जेनरेटिव AI टूल के दुरुपयोग की तरफ था। और पढें: AI से फोटो बनानी है? ये 7 टूल्स आएंगे काफी काम
Meta ने दावा किया है कि ChatGPT के जरिए वायरस वाले ऐप्स और ब्राउजर एक्सटेंशन डाउनलोड किए जा सकते हैं, जो क्रिप्टोकरेंसी स्कैम की तरह ही ऑनलाइन फ्रॉड कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2023 से लेकर अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 10 मेलवेयर फैमिली के 1,000 वायरस वाले लिंक्स प्रमोट किए जा रहे हैं।
मेटा के अन्य अधिकारियों का भी कहना है कि कंपनी जेनरेटिव AI के जरिए फैलने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए टूल्स तैयार कर रही है, जो ChatGPT या इसके जैसे टूल्स से होने वाली दिक्कतों को दूर करेगी।
पिछले दिनों Unit 42 के रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि इन दिनों ChatGPT के नाम पर कई फर्जी AI चैटबॉट मार्केट में आ रहे हैं। रिसर्चर्स का दावा है कि ChatGPT से संबंधित फर्जी डोमन में 910 प्रतिशत की मंथली बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं, ChatGPT से संबंधित डेली 100 मेलवेयर वाले लिंक्स भी सर्कुलेट हो रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसमें 18,000 प्रतिशत तक का ग्रोथ हो सकता है। यह एक बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड को आमंत्रित कर सकता है।