Written By Mona Dixit
Published By: Mona Dixit | Published: Nov 23, 2024, 03:53 PM (IST)
iPhone यूजर्स को भारतीय सरकार ने वर्निंग जारी की है। सिर्फ आईफोन ही नहीं इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने Apple प्रोडक्ट में खामियों के बारे में यूजर्स को चेतावनी देते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। ये सुरक्षा खामियां खासतौर पर iOS, iPadOS, macOS, Vision OS और Safari के पुराने वर्जन पर चलने वाले प्रोडक्ट को प्रभावित करती हैं, जिससे यूजर्स साइबर हमलों का शिकार हो सकते हैं। आइये, डिटेल में जानते हैं। और पढें: लॉन्च से पहले iPhone 18 Pro की बैटरी आई सामने, दो अलग-अलग साइज में देगा दस्तक!
CERT-In इन साइबर हमालों को कम करने के लिए लेटेस्ट सॉफ्टवेयर को अपडेट करने करने के लिए कह रही है। अडवाइजरी के अनुसार, प्रोडक्ट में कुछ खामियां सबाइर अटैक करने वाले हमलावरों को मनमाना कोड एग्जीक्यूट करने या प्रभावित प्रोडक्ट पर क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग (XSS) हमले करने देती हैं। और पढें: भारत में महंगे क्यों होते जा रहे हैं Smartphones? जानिए वजह
बॉडी ने खासतौर से प्रभावित वर्जन की जानकारी दी है। इसमें Apple iOS और iPadOS के 18.1.1 और 17.7.2 से पहले के वर्जन, macOS के 15.1.1 से पहले के वर्जन, Vision OS के 2.1.1 से पहले के वर्जन और Safari के 18.1.1 से पहले के वर्जन शामिल है। इनमें से किसी भी सॉफ्टवेयर वर्जन पर डिवाइस चलाने वाले यूजर्स को लेटेस्ट उपलब्ध ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपडेट करने की सलाह दी जाती है। और पढें: Location से लेकर Camera तक, आखिर Apps क्यों मांगते हैं इतनी Permissions? जानिए कब देना चाहिए Access और कब हो जाएं सतर्क
अगर आपका प्रोडक्ट ज्यादा पुराना है और अब उसमें सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं मिल रहा है, तो CERT-In नवीनतम सॉफ्टवेयर पर चलाने वाले प्रोडक्ट पर स्विच करने की सलाह देता है। लगातार सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर खतरों से बचाने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।
Apple ने अपने हाल के अपडेट में इन खामियों को पहले ही बता दिया है, जिसमें iOS 18.1.1 और iPadOS 18.1.1 शामिल हैं। ये जरूरी सुरक्षा सुधारों पर केंद्रित हैं। कंपनी की पॉलिसी है कि खामियों को हल किए जाने के बाद ही पब्लिकिली जारी करता है। इस कारण यूजर्स को अपने प्रोडक्ट हमेशा अपडेट रखना चाहिए।