Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Nov 20, 2025, 06:40 PM (IST)
Google ने भारत में अपने Pixel स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक नया फीचर पेश किया है, जो स्पैम कॉल और मैसेज को पहचानने में मदद करेगा। यह फीचर ‘Gemini Nano’ AI की मदद से काम करता है और रियल टाइम में कॉल की जांच करके यूजर को चेतावनी देता है कि कॉल संभावित रूप से धोखाधड़ी वाली हो सकती है। Google का कहना है कि यह फीचर खासकर बच्चों, टीनएजर्स और बुजुर्गों के लिए यूजफुल होगा, जिन्हें अक्सर स्कैमर टारगेट करते हैं। कंपनी ने इस फीचर की घोषणा अपने ‘Safe and Trusted AI’ इवेंट के दौरान की। और पढें: Aadhaar Card कब और कहां हुआ यूज घर बैठे ऐसे करें तुरंत चेक, UIDAI ने दी खास सुविधा
Google का यह नया फीचर कॉल आने पर अनजान नंबरों को ऑन-डिवाइस एनालाइज करता है, अगर बातचीत में किसी प्रकार की धोखाधड़ी के संकेत मिलते हैं, तो यूजर को तुरंत चेतावनी मिल जाती है। इसे डिफॉल्ट रूप से ऑफ रखा जाएगा और यूजर अपनी मर्जी से इसे चालू या बंद कर सकते हैं। कॉल के दौरान एक हल्की बीप आवाज सुनाई देगी जब फीचर एक्टिव होगा। Google ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह फीचर कॉल की ऑडियो रिकॉर्ड या ट्रांसक्रिप्ट Google को नहीं भेजेगा, जिससे यूजर की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। और पढें: WhatsApp पर आजकल हो रहे हैं नए-नए स्कैम, बचना है तो तुरंत जान लें ये 5 फीचर्स
सिर्फ कॉल ही नहीं, Google ने स्क्रीन शेयरिंग के दौरान फाइनेंशियल फ्रॉड से बचाने के लिए भी नया फीचर पेश किया है। अगर यूजर किसी अनजान कॉलर से बात कर रहे हैं और Google Pay या Paytm जैसी ऐप्स खोलते हैं, तो फोन तुरंत चेतावनी देगा। इससे यूजर कॉल बंद कर सकते हैं या स्क्रीन शेयरिंग रोक सकते हैं। Google का कहना है कि ये सभी सुरक्षा उपाय AI की मदद से ऑन-डिवाइस ही काम करते हैं, जिससे संवेदनशील जानकारी बाहरी खतरों से सुरक्षित रहती है। और पढें: आधार कार्ड असली है या नकली? ऐसे करें 2 मिनट में पहचान
Google आगे Enhanced Phone Number Verification (ePNV) पर भी काम कर रहा है। यह SMS आधारित OTP की जगह SIM आधारित वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी लाएगा, जो सीधे डिवाइस पर काम करेगी और OTP फ्रॉड को रोकने में मदद करेगी। Wi-Fi और मोबाइल डेटा दोनों पर काम करने वाली यह सिस्टम भारत में डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत करेगी। Google के ये प्रयास दर्शाते हैं कि कंपनी हर उम्र के यूजर्स सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल एक्सपीरियंस बनाने की दिशा में काम कर रही है।