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Ola, Uber और Rapido को बड़ा झटका! ऐप हटाने को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने भेजा नोटिस

Ola, Uber और Rapido के ऐप पर प्रतिबंध लग सकता है। महाराष्ट्रा सरकार ने Apple और Google को नोटिस भेजकर यह मांग की है। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म ने बाइक टैक्सी से जुड़े नियम को तोड़ा है। इन्होने ई-बाइक (इलेक्ट्रिक बाइक) की जगह पेट्रोल वाली बाइक का इस्तेमाल किया है।

Published By: Ajay Verma | Published: May 16, 2026, 10:30 AM (IST)

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Ola, Uber और Rapido भारत में बहुत पॉपुलर हैं। इन तीनों प्लेटफॉर्म का खूब इस्तेमाल किया जाता है। इनमें एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए बाइक, कार और ऑटो बुक करने की सुविधा मिलती है। हालांकि, अब इन तीनों की मुश्किल बढ़ने वाली है, क्योंकि महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने एप्पल (Apple) और गूगल (Google) को इन तीनों ऐप को प्ले-स्टोर व एप स्टोर से हटाने का नोटिस भेजा है। news और पढें: Google पर क्या अब सिर्फ 5GB स्टोरेज FREE मिलेगी? 15GB स्टोरेज पाने के लिए रखी यह शर्त!

सरकार का नोटिस

महाराष्ट्र सरकार के साइबर विभाग के के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ऑफिस की ओर से एप्पल और गूगल को नोटिस भेजकर Ola, Uber और Rapido के ऐप को हटाने का निर्देश दिया है। नोटिस में यह आदेश IT एक्ट, 2000 की धारा 79(3)(b) का उल्लघंन को ध्यान में रखकर दिया गया। news और पढें: 6000 रुपये सस्ता खरीदें iPhone 17 Pro, फोन में मिलेंगे 48MP+48MP+48MP कैमरा जैसे फीचर्स

क्यों भेजा Notice?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो को इलेक्ट्रिक बाइक (ई-बाइक) को टैक्सी के रूप में चलाने का लाइसेंस दिया था, लेकिन कंपनियों ने नियम तोड़ते हुए पेट्रोल वाली बाइक को कमर्शियल तौर पर चलाना शुरू किया। इसके बाद कंपनियों को बाइक टैक्सी पर बैन लगाया गया। फिर 12 मई को महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस संदर्भ साइबर विभाग को पत्र लिखा। इसके बाद ऐप्स को गूगल व एप्पल को नोटिस भेजा गया।

सरकार का कहना है कि इन ट्रांसपोर्ट कंपनियों का ड्राइवर वेरिफिकेशन, इंश्योरेंस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत नहीं है। यह एक चिंता का विषय है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर ऐप को हटाने का आदेश दिया गया है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि हमारी सरकार बाइक टैक्सी का विरोध नहीं करती है, मगर कंपनियों को नियम का पालन करना चाहिए। हालांकि, कंपनियों ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का पालन नहीं किया। कंपनियों को दस्तावेज जमा करने के लिए एक महीने का वक्त दिया गया, लेकिन एक भी डॉक्यूमेंट जमा नहीं कराया गया।

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Rapido पर लगा आरोप

परिवाहन मंत्री का कहना है कि रैपिडो ने सरकार के बैन को कमजोर करने का काम किया है। कंपनी की तरफ से रिफंड स्कीम चलाई गई, जिसमें ड्राइवर को कहा गया कि यदि RTO की ओर से 200 या 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, तो वो उसकी रसीद लें और कंपनी में जमा करा दें। इसके बाद उन्हें रिफंड मिल जाएगा। इस कदम से कंपनी ने कानून को नजरअंदाज किया और मुनाफा कमाया है।