Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 07, 2026, 01:42 PM (IST)
Google Chrome
Google Chrome ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक नया फीचर रोल आउट किया है, जो लोकेशन शेयरिंग को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने का दावा करता है। अब यूजर्स वेबसाइट्स के साथ अपनी सटीक लोकेशन शेयर करने के बजाय ‘Approximate Location’ यानी अनुमानित लोकेशन शेयर कर सकेंगे। इसका मतलब यह है कि वेबसाइट्स को यूजर की बिल्कुल सही GPS लोकेशन नहीं मिलेगी, बल्कि केवल आसपास का क्षेत्र दिखाई देगा। और पढें: Google Workspace में आए ये कमाल के AI फीचर्स, भर-भर के मिलेंगे यूजर्स को फायदे
अब तक जब कोई वेबसाइट Chrome ब्राउजर में लोकेशन एक्सेस मांगती थी, तो ज्यादातर मामलों में उसे यूजर की सटीक लोकेशन मिल जाती थी, लेकिन नए अपडेट के बाद एंड्रॉयड यूजर्स यह तय कर पाएंगे कि वे वेबसाइट को Exact Location देना चाहते हैं या सिर्फ Approximate Location, Google के मुताबिक कई वेबसाइट्स जैसे लोकल न्यूज, मौसम की जानकारी या आसपास की सामान्य अपडेट्स के लिए केवल अनुमानित लोकेशन ही काफी होती है। ऐसे में हर बार सटीक लोकेशन शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ती, हालांकि कंपनी ने यह भी साफ किया है कि जिन सेवाओं को बिल्कुल सही लोकेशन की जरूरत होती है, जैसे नेविगेशन, फूड डिलीवरी, टैक्सी बुकिंग या पास के ATM और ऑफिस ढूंढना, वहां यूजर्स Precise Location का ऑप्शन चुन सकते हैं। और पढें: Google Chrome में आया नया Skills फीचर, यूजर्स को मिलेगा ये बड़ा फायदा
Google का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को बेहतर बनाना है। आज के समय में कई वेबसाइट्स जरूरत से ज्यादा लोकेशन डेटा इकट्ठा करती हैं, जिससे यूजर्स की निजी जानकारी खतरे में पड़ सकती है। Approximate Location फीचर इस समस्या को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनी ने यह भी बताया कि आने वाले महीनों में यह फीचर Chrome के डेस्कटॉप वर्जन में भी उपलब्ध कराया जाएगा, हालांकि Google ने अभी तक इसकी सटीक लॉन्च तारीख की घोषणा नहीं की है। इसके अलावा कंपनी वेब डेवलपर्स के लिए नए APIs भी लाने की तैयारी कर रही है, जिससे वेबसाइट्स यह तय कर पाएंगी कि उन्हें अनुमानित लोकेशन चाहिए या किसी विशेष फीचर के लिए सटीक लोकेशन की जरूरत है। और पढें: Google Chrome यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब मिलेंगे ये 2 धमाकेदार फीचर्स
Google ने डेवलपर्स को सलाह दी है कि वे केवल उन्हीं परिस्थितियों में Exact Location एक्सेस मांगें, जहां इसकी वास्तव में जरूरत हो। कंपनी का मानना है कि इससे इंटरनेट पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकेगा। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स भी इस कदम को काफी जरूरी मान रहे हैं, क्योंकि हाल के वर्षों में डेटा प्राइवेसी को लेकर लोगों की चिंता तेजी से बढ़ी है। Chrome का यह नया फीचर यूजर्स को अपनी लोकेशन जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण देगा और अनावश्यक डेटा शेयरिंग को कम करेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले समय में दूसरे ब्राउजर्स और टेक कंपनियां भी इसी तरह के प्राइवेसी फीचर्स पेश कर सकती हैं।