Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited by Ashutosh Ojha |Published: Dec 12, 2025, 05:27 PM (IST)
geyser safety
सर्दियों का मौसम आते ही घरों में गीजर का इस्तेमाल बढ़ जाता है। गर्म पानी की जरूरत के कारण लोग रोजाना गीजर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर इसके साथ सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, गीजर से बिजली का झटका लगना ज्यादातर तकनीकी खराबी की वजह से नहीं बल्कि छोटे-छोटे गलत इस्तेमाल की वजह से होता है जैसे गीले हाथों से गीजर का स्विच ऑन या ऑफ करना, पुराने गीजर का बिना सर्विस के इस्तेमाल, खराब अर्थिंग और समय पर सर्विस न करवाना। यह सभी गलतियां बिजली के झटके का खतरा कई गुना बढ़ा देती हैं और कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती हैं।
अक्सर देखा गया है कि लोग नहाने से पहले या बाद में हाथ सूखाए बिना गीजर का स्विच चालू या बंद कर देते हैं। बाथरूम में नमी के बीच ऐसा करना बेहद खतरनाक होता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गीले हाथों से स्विच को छूने पर बिजली सीधे शरीर में जा सकती है, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है, साथ ही कई घरों में 5 से 10 साल पुराने गीजर इस्तेमाल हो रहे हैं, जिन्हें कभी भी चेक या सर्विस नहीं कराया गया। पुराने गीजर में थर्मोस्टेट, हीटिंग कॉइल और सेफ्टी कट-ऑफ सिस्टम समय के साथ खराब हो सकते हैं। इसका परिणाम ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट और करंट लीकेज के रूप में सामने आता है।
पुराने घरों में अक्सर अर्थिंग सही तरीके से काम नहीं करती। खराब अर्थिंग की वजह से करंट सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पाता और गीजर के मेटल नल या शावर पाइप से हल्का करंट शरीर में महसूस होने लगता है। इसके अलावा सस्ते स्विच बोर्ड और ढीली वायरिंग भी हादसे का कारण बन सकते हैं। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि गीजर की रेगुलर सर्विस न करवाने से टैंक में स्केलिंग जमा हो जाती है, वायरिंग ढीली हो जाती है और सुरक्षा फीचर्स खराब हो जाते हैं। इससे इलेक्ट्रिकल लीकेज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
सुरक्षित गीजर इस्तेमाल के लिए एक्सपर्ट्स कुछ जरूरी सावधानियां बताते हैं। हमेशा गीले हाथों से स्विच को न छुएं और पुराने गीजर को समय-समय पर चेक या सर्विस करवाएं। अगर गीजर का स्विच बोर्ड या वायरिंग पुरानी हो चुकी है, तो उसे बदलवाएं। घर में अर्थिंग सही तरीके से काम कर रही हो, यह सुनिश्चित करें। इन साधारण लेकिन जरूरी नियमों का पालन करने से गीजर का इस्तेमाल सुरक्षित हो सकता है और सर्दियों में बिजली के झटके से बचा जा सकता है। छोटे प्रयास से बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती है।