Written By Mona Dixit
Published By: Mona Dixit | Published: Aug 10, 2024, 02:34 PM (IST)
Deepfakes Content: इस समय डीपफेक और रियल कंटेंट के बीच पहचान करना किसी के लिए भी आसान बात नहीं है। गूगल सर्च में यूजर्स को कई बार ऐसा कंटेंट दिख जाता है, जो डीपफेक होता है और वे रियर और फेक कंटेंट के बीच अंतर नहीं कर पाते हैं। Home Security Heroes की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन मौजूद सभी डीपफेक वीडियो में 98 प्रतिशत डीपफेक एडल्ट कंटेंट है। जेनरेटिव AI टूल के कारण ऑनलाइन डीपफेक की संख्या साल 2019 से 2023 तक 550% बढ़ गई, जिनमें से कई सहमति से नहीं हैं। हालांकि, Google Search के नए टूल की मदद से डीपफेक कंटेंट को हटाना थोड़ा आसान हो गया है। आइये, जानते हैं कैसे। और पढें: Google ने लॉन्च किया UCP, अब सर्च से सीधे होगी ऑनलाइन शॉपिंग
Google ने हाल ही में डीपफेक एडल्ट कंटेंट से बचने के लिए सर्च में बदलाव किए हैं। इसमें सर्च रैंकिंग एल्गोरिदम में एडजस्टमेंट शामिल है। इसे सर्च में डीपफेक कंटेंट को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी ने सर्च से गैर-सहमति वाले डीपफेक पोर्न रिजल्ट को हटाने की रिक्वेस्ट के प्रोसेस को आसान बनाने के लिए नया तरीका भी पेश किया है। और पढें: सरकार नए सख्त मोबाइल सुरक्षा नियम लाने की कर रहा है तैयारी, क्या स्मार्टफोन कंपनियों की बढ़ेगी टेंशन
Google का डीपफेक टूल एक रिमूवल रिक्वेस्ट है, जिसे यूजर्स जेनरेट कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि सर्च रिजल्ट में डीपफेक एडल्ट कंटेंट नहीं दिखे तो आपको इसके लिए एक रिमूवल रिक्वेस्ट फॉर्म भरना होगा। इसके लिए नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो करें। और पढें: Google Pay के टॉप-5 हिडन फीचर, 90 प्रतिशत लोग अब भी हैं इनसे अंजान