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AI का खतरनाक खेल आया सामने, बिना कॉल और OTP के हुआ Aadhaar फ्रॉड

भारत में एक नया और खतरनाक Aadhaar फ्रॉड सामने आया है। इस स्कैम में ठग बिना कॉल या OTP के ही लोगों का मोबाइल नंबर बदलकर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। AI के जरिए किया गया यह फ्रॉड लोगों के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 04, 2026, 02:17 PM (IST)

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भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल इस्तेमाल के बीच अब एक नया और खतरनाक साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अहमदाबाद में सामने आए इस मामले में ठगों ने बिना किसी कॉल या OTP के ही लोगों के Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर बदल दिए और उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल किया। यह फ्रॉड खास इसलिए है क्योंकि इसमें AI का इस्तेमाल किया गया है, पहले जहां साइबर ठगी में OTP या कॉल के जरिए लोगों को फंसाया जाता था, वहीं अब यह नया तरीका ज्यादा खतरनाक और छुपा हुआ है।

मोबाइल नंबर बदलकर ठगों ने कैसे बनाया पूरा एक्सेस?

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब एक कारोबारी को शक हुआ कि उसके Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल गया है। जांच में सामने आया कि यह बदलाव उसकी जानकारी के बिना किया गया था। मोबाइल नंबर बदलते ही ठगों को उसके OTP मिलने लगे और उन्होंने इसका फायदा उठाकर DigiLocker और बैंकिंग प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच बना ली। इतना ही नहीं, ठगों ने KYC डिटेल्स में भी बदलाव किया और कई बैंकों में अकाउंट खोलने की कोशिश की। एक मामले में तो पीड़ित के नाम पर छोटा लोन भी ले लिया गया।

AI का इस्तेमाल करके सुरक्षा सिस्टम को कैसे धोखा दिया गया?

पुलिस के अनुसार इस फ्रॉड में AI का इस्तेमाल बेहद चालाकी से किया गया। ठगों ने लोगों की फोटो से छोटे-छोटे ‘Blink Video’ बनाए, जिनमें आंख झपकने जैसी हरकत दिखाई देती थी। इन वीडियो का इस्तेमाल उन सिस्टम्स को धोखा देने के लिए किया गया जो ‘Liveness Detection’ के जरिए पहचान की पुष्टि करते हैं। आसान भाषा में कहें तो, जहां सिस्टम यह जांचता है कि सामने असली इंसान है या नहीं, वहां AI से बने नकली वीडियो ने उसे भी भ्रमित कर दिया। जांच में यह भी पता चला कि यह कोई अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह था, जिसमें अलग-अलग लोग अलग काम कर रहे थे, कुछ लोग डेटा जुटा रहे थे, कुछ Aadhaar अपडेट किट के जरिए मोबाइल नंबर बदल रहे थे और कुछ AI टूल्स से फर्जी पहचान बना रहे थे।

यह नया फ्रॉड पहले के साइबर स्कैम से ज्यादा खतरनाक क्यों है?

यह नया तरीका पहले के साइबर फ्रॉड से ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है। अब तक ज्यादातर ठगी में ठग सीधे पीड़ित से संपर्क करते थे, जैसे OTP मांगना या फर्जी कॉल करना, लेकिन इस मामले में ठगों ने बिना किसी संपर्क के ही पूरी पहचान को डिजिटल रूप से कॉपी कर लिया। इसे ‘Identity Cloning’ कहा जा सकता है, जहां आपकी पूरी डिजिटल पहचान किसी और के हाथ में चली जाती है। इससे फ्रॉड का पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है क्योंकि पीड़ित को लंबे समय तक कुछ पता ही नहीं चलता। यही वजह है कि यह मामला साइबर सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है।

इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए?

  • सबसे पहले आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपका Aadhaar किस मोबाइल नंबर से लिंक है और समय-समय पर इसे चेक करते रहें।
  • अपने बैंक अकाउंट और DigiLocker की पर नजर रखें ताकि किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी का तुरंत पता चल सके।
  • कभी भी अपने निजी डॉक्यूमेंट या जानकारी अनजान वेबसाइट्स या ऐप्स पर अपलोड न करें।
  • अगर आपको कुछ भी असामान्य लगे, तो तुरंत शिकायत करें।
  • आप 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।

FAQ

यह नया Aadhaar फ्रॉड क्या है?

यह एक AI आधारित साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग बिना किसी कॉल या OTP के ही आपके Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर बदल देते हैं और आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल करते हैं।

ठग बिना OTP के मोबाइल नंबर कैसे बदल रहे हैं?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ठग Aadhaar अपडेट सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हैं और AI से बनी नकली पहचान (जैसे ब्लिंक वीडियो) दिखाकर वेरिफिकेशन सिस्टम को धोखा दे देते हैं।

इस फ्रॉड के बाद ठग क्या-क्या कर सकते हैं?

मोबाइल नंबर बदलने के बाद ठग आपके OTP हासिल कर सकते हैं, जिससे वे DigiLocker, बैंक अकाउंट, KYC अपडेट और यहां तक कि आपके नाम पर लोन भी ले सकते हैं।

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इससे बचने के लिए सबसे जरूरी सावधानी क्या है?

आपको नियमित रूप से चेक करना चाहिए कि आपका Aadhaar किस नंबर से लिंक है और किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।