Written By Ashutosh Ojha
Written By Ashutosh Ojha
Edited By: Ashutosh Ojha| Published By: Ashutosh Ojha| Published: May 18, 2026, 04:42 PM (IST)
भारत में अब पहले से ज्यादा महिलाएं अकेले यात्रा कर रही हैं, चाहे वह नौकरी हो, पढ़ाई, बिजनेस या घूमने का शौक। ऐसे में सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। स्मार्टफोन में कई सेफ्टी फीचर्स होते हैं, लेकिन हर स्थिति में सिर्फ फोन पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। इसी वजह से महिलाएं अब छोटे और आसान सेफ्टी गैजेट्स साथ रखना पसंद कर रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
आजकल मार्केट में कई ऐसे प्रैक्टिकल सेफ्टी डिवाइस मौजूद हैं जो महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बना सकते हैं। पर्सनल सेफ्टी अलार्म, GPS ट्रैकर, पेपर स्प्रे, स्मार्ट रिंग और SOS बटन वाले डिवाइस काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इन गैजेट्स की खास बात यह है कि इन्हें इस्तेमाल करना आसान होता है और इमरजेंसी में तुरंत काम आते हैं।
पर्सनल सेफ्टी अलार्म अकेले सफर करने वालों के लिए बहुत काम का छोटा गैजेट है। इसे बैग या जेब में आसानी से रखा जा सकता है। इसमें एक बटन या पिन होता है, जिसे दबाते ही बहुत तेज आवाज निकलती है। यह आवाज आसपास के लोगों का ध्यान तुरंत खींच लेती है, जिससे मुश्किल स्थिति में मदद मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी खास ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह हर उम्र के लोगों के लिए यूजफुल है।
स्मार्ट ट्रैकर छोटे डिवाइस होते हैं जिन्हें बैग, पर्स या चाबी के साथ लगाया जा सकता है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये आपकी लाइव लोकेशन परिवार या दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। अगर आप किसी नए शहर में हैं या लंबी यात्रा कर रहे हैं, तो आपके करीबी हमेशा जान पाएंगे कि आप कहां हैं।
आज के समय में स्मार्टफोन ही सफर के दौरान सबसे बड़ा सहारा बन गया है। रास्ता देखने, कैब बुक करने, ऑनलाइन पेमेंट करने, इमरजेंसी कॉल करने और लोकेशन शेयर करने जैसे कई जरूरी काम फोन से ही होते हैं। ऐसे में अगर फोन की बैटरी खत्म हो जाए तो परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए पावरबैंक साथ रखना बहुत जरूरी है। अगर पावरबैंक में टॉर्च या इमरजेंसी लाइट भी हो, तो रात के सफर या अंधेरे में यह और ज्यादा काम आता है।
आजकल स्मार्ट बैंड, पेंडेंट और दूसरे वेयरेबल डिवाइस काफी फेमस हो रहे हैं। इन डिवाइस में SOS फीचर दिया जाता है, जिससे आप सिर्फ एक टैप या बटन दबाकर अपने भरोसेमंद लोगों को इमरजेंसी अलर्ट भेज सकते हैं। साथ ही आपकी लाइव लोकेशन भी तुरंत शेयर हो जाती है। हालांकि ये डिवाइस हमेशा शरीर पर पहनी जाती हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर इन्हें इस्तेमाल करना बहुत आसान और तेज होता है।
सुरक्षित सफर के लिए सिर्फ गैजेट्स पर निर्भर रहना काफी नहीं है। कुछ आदतें अपनाना भी बहुत जरूरी है। यात्रा के दौरान अपने फोन का Emergency SOS फीचर ऑन रखें, रात में सफर करते समय लाइव लोकेशन शेयर करें और 112 जैसे जरूरी इमरजेंसी नंबर सेव रखें। अपने सेफ्टी गैजेट्स को ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके। साथ ही नई या अनजान जगहों पर हमेशा सतर्क रहें। सही
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा के लिए ऐसे गैजेट्स चुनने चाहिए जो हल्के, सरल और जल्दी इस्तेमाल किए जा सकें। बहुत ज्यादा मश्किल डिवाइस तनाव की स्थिति में काम नहीं आते। इसलिए ऐसे उपकरण ज्यादा बेहतर माने जाते हैं जिन्हें बिना ट्रेनिंग के तुरंत इस्तेमाल किया जा सके, हालांकि कोई भी गैजेट पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देता, इसलिए सतर्कता, सही फैसले और आसपास की जानकारी रखना हमेशा सबसे जरूरी रहता है।