Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: May 18, 2026, 10:22 AM (IST)
NESCOD Technology Electricity-Free Cooling System
(AI Image)
आज के समय में एयर कंडीशनर (AC) घरों और दफ्तरों में सबसे ज्यादा बिजली खर्च करने वाली चीजों में से एक है। गर्म और उमस भरे मौसम में AC का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है, लेकिन इससे बिजली का बिल काफी बढ़ जाता है। इसी समस्या को देखते हुए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई टेक्नोलॉजी डेवलप की है, जो बिना बिजली के भी AC जैसी ठंडक दे सकती है। यह खोज भविष्य में कूलिंग सिस्टम को पूरी तरह बदल सकती है।
सऊदी अरब की किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इस टेक्नोलॉजी को डेवलप किया है। इसे ‘NESCOD’ (No Electricity and Sustainable Cooling on Demand) नाम दिया गया है। यह टेक्नोलॉजी Ammonium Nitrate नाम के सामान्य Chemical Substances पर आधारित है, जो अक्सर Fertilizer में इस्तेमाल होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह पदार्थ पानी में घुलने पर अपने आसपास की गर्मी को सोख लेता है, जिससे तापमान कम हो जाता है।
प्रयोगों में देखा गया कि यह सिस्टम बहुत तेजी से तापमान घटा सकता है। एक टेस्टिंग में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस (77°F) से गिरकर केवल 3.6 डिग्री सेल्सियस (38°F) तक पहुंच गया और यह बदलाव लगभग 20 मिनट में हुआ। यह रिजल्ट काफी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें किसी भी तरह की बिजली या मशीन का यूज नहीं किया गया।
इस टेक्नोलॉजी की सबसे खास बात यह है कि इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है। जब अमोनियम नाइट्रेट पानी में घुलकर ठंडक देता है, तो बाद में Solar Energy की मदद से पानी को Evaporated किया जा सकता है। इससे अमोनियम नाइट्रेट फिर से ठोस रूप में बच जाता है और दोबारा यूज के लिए तैयार हो जाता है। इस प्रक्रिया में सोलर पैनल भी मदद कर सकते हैं, जिससे यह पूरी तरह Environmental Friendly सिस्टम बन जाता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी गरीब और दूरदराज के इलाकों के लिए बहुत यूजफुल साबित हो सकती है, जहां बिजली की सुविधा नहीं है। इसके अलावा, यह पर्यावरण के लिए भी बेहतर है क्योंकि इसमें Carbon Emissions नहीं होता। अगर इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाए, तो यह एयर कंडीशनिंग सिस्टम पर निर्भरता कम कर सकती है और एनर्जी की बचत में मदद कर सकता है।
शोधकर्ताओं ने कहा है कि यह टेक्नोलॉजी भविष्य में ‘Green Cooling Technology’ का एक जरूरी हिस्सा बन सकती है। उनका मानना है कि 2030 तक Sustainable Development Goals (SDGs) को हासिल करने में यह मददगार हो सकती है। हालांकि अभी इसे बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए और रिसर्च और टेस्टिंग की जरूरत है, लेकिन यह खोज काफी खास है।
NESCOD एक बिना बिजली वाली कूलिंग टेक्नोलॉजी है, जिसे सऊदी अरब की किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने डेवलप किया है। यह पानी में अमोनियम नाइट्रेट के जरिए ठंडक देती है।
जब अमोनियम नाइट्रेट पानी में घुलता है, तो यह अपने आसपास की गर्मी को सोख लेता है, जिससे तापमान तेजी से कम हो जाता है।
यह पूरी तरह बिना बिजली के काम कर सकती है और नेचुरल केमिकल रिएक्शन पर आधारित है।
सोलर एनर्जी की मदद से इस प्रक्रिया को रिवर्स करके अमोनियम नाइट्रेट को फिर से यूज के लिए तैयार किया जा सकता है।
यह टेक्नोलॉजी उन इलाकों के लिए बहुत फायदेमंद है जहां बिजली नहीं आती।