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भारत सरकार ने उठाया सख्त कदम, इस फेमस App पर लगाया बैन

आजकल ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को देखते हुए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाया है। साइबर फ्रॉड से जुड़े Wingo नाम के एक फेमस ऐप को बैन कर दिया गया है। आइए जानते हैं...

Edited By: Ashutosh Ojha | Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 30, 2026, 03:43 PM (IST)

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भारत सरकार ने साइबर फ्रॉड से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए Wingo नाम के एंड्रॉयड ऐप को ब्लॉक कर दिया है। यह ऐप यूजर्स को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर ठग रहा था। India Today की रिपोर्ट्स के अनुसार, Wingo ऐप न सिर्फ लोगों से पैसे ऐंठ रहा था, बल्कि उनके मोबाइल से बिना अनुमति के फर्जी SMS भी भेज रहा था, जैसे ही इस धोखाधड़ी की शिकायतें बढ़ीं, सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। इसके बाद पूरे देश में एंड्रॉयड यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि ऐसे लालच देने वाले ऐप्स से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध एक्टिविटी की तुरंत रिपोर्ट करें।

सरकार ने Wingo नेटवर्क को बंद करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए?

सरकार की इस कार्रवाई को Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने अंजाम दिया, जो गृह मंत्रालय के तहत काम करता है। जांच में सामने आया कि Wingo ऐप ने इंटरनेट पर बड़ा नेटवर्क बना रखा था, जिससे वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को फंसा सके। इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए सरकार ने ऐप से जुड़े कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वर को जियो-ब्लॉक कर दिया। इसके अलावा Wingo से जुड़े चार Telegram चैनल भी बंद किए गए, जिनमें करीब 1.53 लाख सब्सक्राइबर थे। साथ ही YouTube से इस ऐप को प्रमोट करने वाले 53 से ज्यादा वीडियो हटा दिए गए, जिससे ठगों की पहुंच काफी हद तक खत्म हो गई।

Wingo साइबर फ्रॉड का तरीका क्या था?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, Wingo App का तरीका बेहद चालाक था। यूजर्स को छोटे टास्क या थोड़े समय के निवेश के बदले जल्दी कमाई का वादा किया जाता था। शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली पैसा भी मिलता था, ताकि भरोसा बन सके। इसके बाद उनसे UPI या पर्सनल वॉलेट के जरिए पैसे जमा करवाए जाते थे, जो किसी भी सुरक्षित पेमेंट गेटवे से जुड़े नहीं होते थे, जैसे ही यूजर ज्यादा पैसा डालते, उनका अकाउंट ब्लॉक हो जाता या ऐप ही काम करना बंद कर देता। ऐप जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगता था, जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी और लोकेशन एक्सेस, जिससे डेटा चोरी का खतरा भी बढ़ गया।

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Android यूजर्स को किन बातों से सावधान रहना चाहिए और शिकायत कैसे करें?

सरकार ने अब एंड्रॉयड यूजर्स को साफतौर पर चेतावनी दी है कि गारंटीड या रोजाना मुनाफे का दावा करने वाले ऐप्स से बचें। कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और डेवलपर की जानकारी जरूर जांचें। अनजान UPI ID, QR कोड पर पैसे न भेजें और कभी भी OTP या बैंक डिटेल्स शेयर न करें, अगर किसी को ऐसे फ्रॉड का शक हो तो तुरंत ऐप अनइंस्टॉल करें और सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पीड़ितों को राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते नुकसान रोका जा सके। सरकार का कहना है कि जल्दी शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।