comscore

TRAI की बड़ी तैयारी, बेहतर डिजिटल कम्युनिकेशन के लिए बना रहा नया फ्रेमवर्क

TRAI ने डिजिटल कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए नियामक ने सभी स्टेकहोल्डर्स से इसके लिए विचार रखने के लिए कहा है। TRAI ने इस साल मार्च में DoT द्वारा दिए गए निर्देश के तहत 48 पन्नों का पेपर जारी किया है।

Published By: Harshit Harsh | Published: Jun 20, 2023, 01:35 PM (IST)

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

Highlights

  • TRAI डिजिटल कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है।
  • इस फ्रेमवर्क के जरिए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी कंपनियों को फायदा मिलेगा।
  • साथ ही, यूजर्स को भी फायदा पहुंचने वाला है।
techlusive.in Written By article news

Written By

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

TRAI जल्द डिजिटल कम्युनिकेशन को बेहतर करने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है। रेगुलेटर को दूरसंचार विभाग (DoT) से इस साल मार्च में इनोवेटिव टेक्नोलॉजी, सर्विसेज, यूज केस और बिजनेस मॉडल के लिए रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क बनाने के लिए रेकोमेंडेशन मिला था। अब TRAI ने इसके लिए क्षेत्र से जुड़े लोगों से कटिंग एज टेक्नोलॉजी इनोवेशन और लाइव टेस्टिंग के वातावरण आदि के लिए सलाह मांगी है। news और पढें: स्पैम कॉल्स और अनचाहे प्रमोशनल SMS से हैं परेशान? TRAI का यह App करेगा प्रॉब्लम सॉल्व

सिक्योरिटी रिस्क का रखा जाएगा ध्यान

सोमवार 19 जून को TRAI ने इसके लिए 48 पेज का डिसकसन पेपर जारी किया है, जिसमें सभी स्टेक होल्डर्स को अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया है। TRAI ने टेलिकॉम कंपनियों के साथ-साथ इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अलावा स्टार्ट-अप्स, स्मॉल और मिडियम इंटरप्राइजेज (SMEs) को मेगा डिजिटल टेक इनोवेशन फ्रेमवर्क के लिए विचार रखने के लिए कहा है। ट्राई का डिजिटल कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने वाला फ्रेमवर्क डेटा ब्रीच, फ्रॉड एवं अन्य सिक्योरिटी रिस्क को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। news और पढें: TRAI का नया नियम: इंश्योरेंस कंपनियों की कॉल अब इस नंबर से ही आएंगी

पिछले साल TRAI ने टेलीकम्युनिकेशन बिल, 2022 ड्राफ्ट किया था, जिसमें डिजिटल इनोवेशन के लिए रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क जोड़ने की बात कही थी। इस बिल में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े कंपनियों, स्टार्ट अप्स को नई टेक्नोलॉजी डेवलप करने और टेस्ट करने के लिए फ्लेक्सिबल फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रावधान रखा गया था। news और पढें: Jio और VI यूजर्स को दिखेगा कॉल करने वाले का नाम, यहां लाइव हुआ CNAP फीचर

होगी रीयल टाइम लाइव टेस्टिंग

TRAI ने अपने डिस्कसन पेपर में कहा है कि रेगुलेटरी सैंडबॉक्स (RS) नए प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, ऐप्लीकेशन आदि को टेस्टिंग करने के लिए लाया जा रहा है, जिसमें रेगुलेटर्स और लाइसेंस धारकों को टेस्टिंग के लिए कुछ रेगुलेटरी या लाइसेंसी रिलेक्सेशन दिए या नहीं दिए जाएंगे।

Add Techlusive as a Preferred SourceAddTechlusiveasaPreferredSource

इस रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का मुख्य उदेश्य कंज्यूमर इंटरेस्ट के लिए किए जाने वाले नए इनोवेशन के सिक्योरिटी रिस्क को दूर करना है। यह फ्रेमवर्क लाइव वातावरण में टेलीकॉम प्रोडक्ट्स, सर्विसेज, ऐप्लीकेशन्स को रीयल टाइम यूजर्स पर सीमित समय तक टेस्टिंग की आजादी देगा। यही नहीं, यह कस्टमर प्रोटेक्शन और रिस्क मिटीगेशन को भी ध्यान में रखेगा।