Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Apr 23, 2026, 08:12 PM (IST)
Strait of Hormuz Scam: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच Strait of Hormuz एक युद्ध क्षेत्र के तौर पर बनकर उभर रहा है। ईरान द्वारा बार-बार इस क्षेत्र को बंद करने की धमकी दी जा रही है। आपको बता दें हॉर्मुज दुनिया के सबसे बड़ी समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल व LNG सप्लाई होती है। इस जगह पर बढ़ रहे तनाव के बाद व्यापार काफी प्रभावित है, जिसकी वजह से भारत में भी LPG की किल्लत देखने को मिल रही है। इतना काफी नहीं था कि अब स्कैमर्स ने इस संकट पर अपनी रोटी सेकनी शुरू कर दी है। लेटेस्ट रिपोर्ट्स की मानें, तो Strait of Hormuz के समुद्री रास्तों में अब डिजिटल स्कैम को अनजाम दिया जा रहा है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स। और पढें: US-Israel-Iran War: क्या होती GPS Jamming, कैसे काम करती है और युद्ध में कहां किया जा रहा इसका यूज?
Reuters की लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो कुछ साइबर क्रिमिनल्स अब Strait of Hormuz में फंसे जहाजों को निशाना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ साइबर क्रिमिनल्स खुद को ईरान के अधिकारी बता रहे हैं और फंसे जहाजों से क्रिप्टो पैसों की मांग कर रहे हैं। बदले में वो उनके जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाकर वहां से बाहर निकलने का दावा भी कर रहे हैं। इस तरह के मैसेज एक स्कैम है। इसके अलावा, कहा जा रहा है कि ईरानी अधिकारियों ने इस तरह का कोई मैसेज जारी नहीं किया है। और पढें: LPG की किल्लत के बीच सरकार बड़ा फैसला, अब बिना e-KYC नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर
कहा जा रहा है कि साइबर ठग इस तरह की ठगी के लिए बेहद ही व्यवस्थित मैसेज व प्रोसेस का सहारा ले रहे हैं, ताकी किसी को शक न हो कि वो फेक हैं। ग्रीक मैरीटाइम रिस्क फर्म MARISKS ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। अलर्ट करते हुए कहा गया है कि शिपिंग कंपनियों को स्कैमर्स द्वारा ऐसे मैसेज रिसीव हो रहे हैं, जिसमें इसमें स्कैमर्स उन्हें ईरानी अधिकारी Strait of Hormuz पार कराने का दावा कर रहे हैं, इसके लिए उन्हें क्रिप्टो में पैसों की डिमांड की गई है।
Strait of Hormuz की बात करें, तो यह फारस की खाड़ी व ओमान की खाड़ी के बीच का एक समुद्री रास्ता है, जो कि काफी संकरा है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े तेल व गैस का यातायात होता है। युद्ध के दौरान ईरान इस रास्ते को बंद करने की धमकी देता है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में इजाफा संभव है।