Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 16, 2026, 04:37 PM (IST)
Snap to Reduce Workforce by 16% in Latest Layoff Round
Snapchat एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि कंपनी करीब 1000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है, जो उसके कुल स्टाफ का लगभग 16% है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला कंपनी की लागत कम करने और काम करने के तरीके को बदलने की कोशिश का हिस्सा है, हालांकि यह पहली बार नहीं है जब Snapchat ने इतने बड़े स्तर पर छंटनी की हो। साल 2022 के बाद से कंपनी कई बार कर्मचारियों को निकाल चुकी है। और पढें: Meta का बड़ा फैसला, 8000 लोगों की नौकरियों पर खतरा, जानें क्या है वजह
इस बार की छंटनी के पीछे सबसे बड़ा कारण AI का बढ़ता इस्तेमाल है। कंपनी अब छोटे और फोकस्ड टीम्स के साथ काम करना चाहती है, जहां AI Tools दोहराए जाने वाले काम को संभाल सकें। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के अंदर अब कोडिंग का बड़ा हिस्सा भी AI सिस्टम्स की मदद से किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि पहले जितने लोगों की जरूरत होती थी, अब उतनी नहीं रह गई है। यही वजह है कि Snapchat नई Recruitments को भी कम कर रहा है और कई ओपन पोजीशन्स को बंद किया जा रहा है। और पढें: Meta में फिर से बड़ी छंटनी, कैलिफोर्निया में लगभग 200 कर्मचारियों की नौकरी गई
इसके अलावा कंपनी पर बाहरी दबाव भी है। कुछ निवेशक Snapchat से बेहतर प्रदर्शन और खर्च में कटौती की मांग कर रहे हैं। कंपनी ने पिछले कुछ समय में AR (ऑगमेंटेड रियलिटी) ग्लासेस जैसे प्रोजेक्ट्स पर काफी पैसा खर्च किया, लेकिन उससे अभी तक उतना फायदा नहीं मिला है। ऐसे में अब कंपनी अपने खर्चों को कंट्रोल करने और ज्यादा मुनाफा कमाने की दिशा में कदम उठा रही है। यह छंटनी सिर्फ AI की वजह से नहीं, बल्कि कंपनी की पूरी रणनीति में बदलाव का हिस्सा है। और पढें: Elon Musk ने भविष्य को लेकर कहीं चौंकाने वाली बातें-'20 साल बाद नहीं करनी पड़ेगी नौकरी', निकिल कामथ के साथ बातचीत में बड़ा दावा
Snapchat का कहना है कि इन बदलावों से कंपनी हर साल करीब 500 मिलियन डॉलर की बचत कर सकती है। कंपनी अब एक तेज और ज्यादा प्रभावी वर्किंग मॉडल अपनाना चाहती है, जहां कम लोग और ज्यादा AI मिलकर काम करें, हालांकि कंपनी ने यह भी माना है कि यह बदलाव आसान नहीं होगा और इसका असर कर्मचारियों पर पड़ेगा। सिर्फ Snapchat ही नहीं, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है, जहां कंपनियां नौकरियां कम कर रही हैं और AI में निवेश बढ़ा रही हैं।