Written By Swati Jha
Published By: Swati Jha | Published: Feb 08, 2023, 04:28 PM (IST)
एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले Samsung Galaxy, OnePlus, Oppo, Vivo, Xiaomi और दूसरे स्मार्टफोन मौजूदा समय में भारत में काफी इस्तेमाल हो रहे हैं। लाखों यूजर अपने डेली कामों के लिए इन स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करते हैं। लगभग 70% बाजार हिस्सेदारी के साथ Google सपोर्ट वाला Android ऑपरेटिंग सिस्टम दुनिया भर में सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला मोबाइल OS है। और पढें: e-PAN कार्ड के नाम पर आ रहा खतरनाक फर्जी ईमेल, सरकार ने जारी किया बड़ा अलर्ट, जानें क्या करें
Google के हर एक अपडेट के साथ Android में और अधिक फीचर्स लाने के साथ, यूजर सिर्फ कॉल और मैसेजेस के लिए फोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं। ये स्मार्टफोन अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन, फोटोग्राफी, ऑनलाइन मीटिंग और दूसरे कामों के लिए सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले डिवाइस में से एक है। इसके कारण ये डिवाइस आपकी कुछ सबसे सेंसटिव डिटेल्स को स्टोर करते हैं। यूजर्स की पर्सनल जानकारी को सेफ रखने के लिए गूगल समय-समय पर अपने डिवाइस, ऐप्स और ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए सिक्यॉरिटी अपडेट रोल आउट करता रहता है। और पढें: AI जनरेटेड फोटो और वीडियो पर लगेगी लगाम, आज से नए नियम लागू
टेक कंपनियां यूजर्स को अधिक सेफ और फीचर्स से भरपूर एक्सपीरियंस देने के लिए OS के लेटेस्ट वर्जन को चलाने की सलाह देती हैं। वहीं कुछ यूजर हार्डवेयर की कमी और उपयोग में आसानी के कारण OS के पुराने वर्जन को चलाने का ऑप्शन चुनते हैं, ऐसे में OS के पुराने वर्जन OS का फायदा उठाना आसान है। एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसी कुछ खामियां देखी गई हैं और भारत सरकार ने Samsung Galaxy, OnePlus, Oppo, Vivo, Xiaomi, Realme और दूसरे एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है। और पढें: Budget 2026: क्या बजट आने के बाद स्मार्टफोन खरीदना हो जाएगा महंगा ? जानें एक्सपर्ट्स की राय
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पोंस टीम (CERT-In) ने खुलासा किया है कि एंड्रॉइड OS में कई बग्स रिपोर्ट किए गए हैं। ये लोकल अटैकर को सेंसटिव डिटेल पाने, प्रीविलेज पाने और सर्विस के इस्तेमाल से रोक सकती हैं। यह खामी Android OS वर्जन 10, 11, 12, 12L और 13 चलाने वाले स्मार्टफोन यूजर्स को प्रभावित करेगी।
CERT-In के मुताबिक, फ्रेमवर्क, मीडिया फ्रेमवर्क, सिस्टम कंपोनेंट, Google Play सिस्टम अपडेट, कर्नेल, मीडियाटेक कंपोनेंट्स, यूनिसोक कंपोनेंट्स, क्वालकॉम कंपोनेंट्स और क्वालकॉम क्लोज्ड-सोर्स कंपोनेंट्स में खामियों के कारण एंड्रॉइड OS में ये बग्स मौजूद हैं।
किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए, संबंधित OEM द्वारा उपलब्ध कराए जाने पर आपको डिवाइस को अपडेट करना चाहिए।