Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Dec 06, 2025, 03:47 PM (IST)
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भारत सरकार संचार साथी ऐप (Sanchar Sathi App) के प्री-इंस्टॉलेशन के नियम को लेकर पिछले कई दिनों से खबरों में बनी हुई थी, जिसे हाल ही में वापस लिया गया। अब एक बार फिर से सरकार फोन ट्रैकिंग को लेकर सुर्खियों में आ गई है। दरअसल, टेलीकॉम इंडस्ट्री एक प्रस्ताव पर काम कर रही है, जिसके लागू होने पर स्मार्टफोन कंपनियों को फोन के लोकेशन ट्रैकिंग फीचर को ऑन रखना होगा, जिसे ऑफ नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, इस प्रस्ताव का जमकर विरोध किया जा रहा है। और पढें: Telegram की ये सेटिंग तुरंत ऑन करें, फिर कोई नहीं देख पाएगा आपका नंबर
राउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Cellular Operators Association of India यानी COAI ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव दिया है। इसमें स्मार्टफोन ब्रांड्स को A-GPS तकनीक एक्टिव करने का आदेश देने की बात कही गई है। इसके लिए सैटेलाइट के साथ सेलुलर डेटा ऑन रखना पड़ेगा। इससे किसी भी यूजर की सटीक लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी।
इस प्रस्ताव में आगे बताया गया कि फोन में हमेशा के लिए लोकेशन सर्विस ऑन रहेगी और यूजर्स को इसे बंद करने का विकल्प नहीं मिलेगा। आपको बता दें कि बीते शुक्रवार को गृह मंत्रालय और स्मार्टफोन इंडस्ट्री के अधिकारियों की मीटिंग हुई, जिसमें प्रस्ताव को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है।
Apple, Samsung और Google ने प्राइवेसी को ध्यान में रखकर इस प्रस्ताव का विरोध किया है। कंपनियों का कहना है कि इस प्रस्ताव को नियम में तब्दील नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही, ICEA ने कहा कि पूरी दुनिया में इस तरह का कोई नियम नहीं है, जहां यूजर लेवल पर लोकेशन ट्रैक की जाती हो। लोकेशन ट्रैकिंग के लिए A-GPS का कहीं भी उपयोग नहीं किया जाता है।
आगे यह भी कहा कि इस प्रस्ताव के लागू होने से डेटा चोरी होने की संभावना बढ़ जाएगी। यह लीगल, प्राइवेसी और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर चिंता का सबब बन सकता है। इसमें सेना के अधिकारी, पत्रकार और जज जैसे संवेदनशील पद पर बैठे लोगो शामिल हैं, जिनकी सुरक्षा कभी भी भंग हो सकती है।