Written By Manisha
Published By: Manisha | Published: Feb 19, 2026, 01:26 PM (IST)
India AI Impact Summit 2026 के दौरान आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान PM Modi ने MANAV Vision का ऐलान किया, जो कि 21वीं सदी के भारत में AI आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण की अहम भूमिका बनने वाला है। यह 5 मूल्यों वाला एक संक्षिफ्त रूप है। इसके अलावा, उन्होंने AI से डरने वाले लोगों को भी रास्ता दिखाया और कहा कि उन्हें एआई में भय नहीं बल्कि भाग्य नजर आता है। साथ ही उन्होंने कहा हमें एआई का इस्तेमाल करना है, लेकिन इसकी कमांड अपने हाथों में रखनी है। आज हम एआई को जिस दिशा में ले जाएंगे, वैसा ही हमारा भविष्य बनकर तैयार होगा। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स। और पढें: 19 फरवरी को जनता के लिए बंद रहेगा AI Impact Summit 2026, डेट हुई एक्सटेंड
PM Modi ने अपने भाषण के दौरान MANAV Vision का ऐलान किया, जो कि भारत में AI के फ्रेमवर्क के तौर पर काम करेगा। और पढें: India AI Impact Summit 2026: Qualcomm और Mihup.ai ने BFSI Sector के लिए पेश की On-Device Voice AI टेक्नोलॉजी
M – Moral and Ethical Systems, यानि AI ethical guidelines पर आधारित हो। और पढें: India AI Impact Summit 2026: Qualcomm ने ह्यूमनोइड रोबोट्स के लिए खास पेश की Dragonwing IQ-10 Chip
A – Accountable Governance
N – National सॉवरनिटी, यानि जिसका डेटा, उसका अधिकार।
A – Accessible and Inclusive, यानि AI मोनोपोली नहीं, मल्टिप्लेयर बने।
V – Valid and Legitimate, यानि AI lawful और वेरिफाय-एबल हो।
PM ने कहा कि हमे AI को इस्तेमाल भी करना है और इसकी कमांड अपने हाथों में भी रखनी है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जैसे GPS इस्तेमाल करते हुए हम रास्ता देखते हैं, लेकिन हमें किस रास्ते पर जाना है यह हमारे हाथ में होता है। आज हम एआई को जिस दिशा में ले जाएंगे, वैसे ही आगे हमारा भविष्य तय होगा।
अपने भाषण के दौरान पीएस मोदी ने कहा कि सालों पहले जब इंटरनेट शुरू हुआ था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि इससे इतनी नौकरियां बनेंगी। यही बात AI में भी है। आज जो कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन आने वाले समय में यह फील्ड कई जॉब्स लेकर आएगी। यह humans और intelligent systems के साथ मिलकर काम करने वाला समय है।
इस दौरान उन्होंने AI से उत्पन्न होने वाले डर को भी संबोधित किया और कहा कि आज दुनिया में 2 तरह के लोग हैं। एक वो जो AI से डरते हैं और दूसरे वो तो जिन्हें AI में भाग्य दिखता है। उन्होंने कहा कि उन्हें एआई में भय नहीं भाग्य दिखता है।