Written By Harshit Harsh
Published By: Harshit Harsh | Published: Nov 21, 2023, 08:56 PM (IST)
भारत टेक कंपनियों के लिए बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनने वाला है। Oppo, Vivo, Xiaomi, Samsung के बाद Apple और Google भी भारत में अपने स्मार्टफोन और डिवाइसेज बनाने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा सरकार ने अब तक PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव) स्कीम के तहत 27 टेक कंपनियों को सब्सिडी की अनुमति दी है। सरकार का यह कदम देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में बड़ा कदम है। इन कंपनियों को सरकार से मिली सब्सिडी की वजह से फाइनेंशियल बूस्ट मिलेगा और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने के सपने को उड़ान मिलेगी। और पढें: Vivo Y58 5G पर लिमिटेड टाइम ऑफर, सिर्फ 824 रुपये महीना देकर ले आएं घर
केन्द्र सरकार के महत्वाकांक्षी मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत इन टेक कंपनियों को सब्सिडी देने की घोषणा की गई है, ताकि ये भारत में अपने प्रोडक्ट्स असेंबल और मैन्युफैक्चर कर सके। सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों के साथ-साथ लैपटॉप बनाने वाली बड़ी कंपनियों जैसे कि Dell, HP, Asus आदि को भी PLI स्कीम में शामिल किया है। 27 में से 23 कंपनियां अगले 90 दिनों में भारत में प्रोडक्शन शुरू कर सकती है। और पढें: Vivo V70 और V70 Elite की भारत में लॉन्चिंग कंफर्म, दमदार फीचर्स के साथ लेंगे एंट्री
मोदी सरकार के इस फैसले से देश में अगले कुछ महीनों में 2 लाख नए रोजगार का सृजन होगा, जिनमें 50 हजार डायरेक्ट और 1.5 लाख इनडायरेक्ट होंगे। भारत सरकार टेक कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस चीन के बदले भारत से इंपोर्ट करने पर काम कर रही है। भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ने से ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए भारत चीन का अल्टर्नेट मार्केट बनके उभरेगा।
सरकार ने इस क्रम में चीनी कंपनी Lenovo को भी PLI स्कीम में शामिल किया है। इन दिनों कई चीनी कंपनियां भारत सरकार की एजेंसियों की रडार पर हैं। इनमें से कुछ कंपनियों पर टैक्स की चोरी करने का आरोप भी लगा है। भारत को चीन और अमेरिका के बीच चल रहे ट्रेड वॉर का भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा रूस-यूक्रेन और इजराइल की जंग का भी फायदा भारत को मिल सकता है।