Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Oct 08, 2025, 12:04 PM (IST)
IMC 2025: भारत के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 (India Mobile Congress 2025) का आगाज हो गया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने किया है। इस इवेंट को Innovate to Transform की थीम दी गई है। इस बार पूरा फोकस 6जी से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक पर रहेगा। बता दें कि इस इवेंट को नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया है। यह 11 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। और पढें: AI बन सकता है दुनिया के लिए खतरा, IMF की डराने वाली चेतावनी
IMC 2025 इवेंट में पीएम मोदी ने देश वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश तकनीक की ओर बढ़ रहा है। हमारे युवा तकनीक क्रांति में अपना अहम रोल अदा कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी इतनी तेजी से बदल रही है कि अब इसे ‘द फ्यूचर इज हेयर एंड नाऊ’ कहा जा सकतता है। और पढें: AI Deepfake Scam: नकली वीडियो बनाकर ठगी को दिया अंजाम, ऐसे करें खुद का बचाव
हम तकनीक को एडवांस बनाने के लिए स्टार्ट-अप को फंड प्रदान कर रहे हैं, जिससे वे तेजी से बदलती तकनीक को अपना सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 6जी के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे होगा। लोगों को हाई-स्पीड इंटरनेट मिलेगा, जिससे जिन्दगी काफी आसान हो जाएगी। और पढें: Mothers Day पर मां को तोहफे में दें ये स्मार्टफोन, कीमत 10000 रुपये से भी कम
पीएम मोदी ने बताया कि जिस देश में 2जी नेटवर्क ठीक से काम नहीं करता था, उस देश में आज 5जी हर जगह पहुंच गया है। हमारा इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन 2014 से अब तक 6 गुना बढ़ गया है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग में भी इजाफा देखने को मिला है और मोबाइल से जुड़े क्षेत्र में रोजगार तेजी से बढ़ा है। इसके साथ अब भारत उन 5 देशों की सूची में आ गया है, जो डिजिटली निर्भर हैं।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी इवेंट है। इस बार इवेंट में उद्योग विशेषज्ञ से लेकर टेक इनोवेटर्स तक ने हिस्सा लिया है। इसमें पूरा फोकस ऑप्टिकल कम्युनिकेशन, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कम्युनिकेशन, 6G, और फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर्स जैसी तकनीक पर होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईएमसी 2025 में 150 से अधिक देशों के 1.5 लाख से ज्यादा विजिटर ने भाग लिया है। इस इवेंट में 400 से अधिक कंपनियां आई है। इसमें 800 से ज्यादा स्पीकर मौजूद हैं। वहीं, टेक सेशन के लिए जापान, कनाडा, ब्रिटेन, रूस, आयरलैंड और ऑस्ट्रिया जैसे देशों के प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल किया गया है।