Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 27, 2026, 03:27 PM (IST)
Hong Kong
Hong Kong में हाल ही में लागू किए गए नए कानून ने यात्रियों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए चिंता बढ़ा दी है। Hong Kong की पुलिस अब किसी भी व्यक्ति से उसके मोबाइल फोन या लैपटॉप का पासवर्ड मांग सकती है, अगर उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSL) के उल्लंघन का शक हो। यह नया संशोधन बिना किसी लंबी प्रक्रिया के सीधे लागू कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति पासवर्ड देने से मना करता है, तो उसे एक साल तक की जेल और लगभग 1 लाख हांगकांग डॉलर का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं गलत जानकारी देने पर सजा और भी कड़ी हो जाती है, तीन साल तक की जेल और भारी जुर्माना।
इस कानून की सबसे बड़ी खासियत और विवाद की वजह यह है कि पुलिस को पासवर्ड मांगने के लिए किसी कोर्ट या जज की अनुमति की जरूरत नहीं है, यानी मौके पर ही अधिकारी किसी से भी उसका डिवाइस अनलॉक करवाने को कह सकते हैं। इसके अलावा उनसे डिक्रिप्शन की या कोई भी जरूरी जानकारी देने के लिए कहा जा सकता है। इसी संशोधन के तहत कस्टम अधिकारियों को भी ज्यादा अधिकार मिल गए हैं, जिससे वे किसी भी सामान को जब्त कर सकते हैं अगर उसमें देशद्रोही इरादा होने का शक हो।
इस फैसले की काफी आलोचना हो रही है। UK की कानून विशेषज्ञ Urania Chiu ने इसे बहुत ज्यादा सख्त बताया है। उनका कहना है कि यह लोगों की प्राइवेसी के अधिकार के खिलाफ है और इससे सही तरीके से न्याय मिलने पर भी असर पड़ सकता है, वहीं Hong Kong की सरकार का कहना है कि यह कानून आम लोगों या बिजनेस के लिए नहीं है, बल्कि सिर्फ देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए बनाया गया है लेकिन कई Human Rights Organizations को डर है कि इस कानून का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है, और इसका यूज लोगों की अलग राय या विरोध की आवाज को दबाने के लिए किया जा सकता है।
दरअसल यह पूरा मामला Hong Kong National Security Law से जुड़ा हुआ है, जिसे 2020 में लागू किया गया था। इस कानून के तहत देशद्रोह, अलगाववाद और विदेशी ताकतों से मिलीभगत जैसे अपराधों पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद तक शामिल है। अब तक इस कानून के तहत 386 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 176 को सजा मिल चुकी है। 2024 में एक और सुरक्षा कानून जोड़ा गया और अब यह पासवर्ड वाला संशोधन इस कड़ी का नया हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कानूनों ने हांगकांग में लोगों आजादी पर काफी हद तक असर पड़ेगा है।