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Google लेकर आ रहा Nano Banana का एडवांस मॉडल, HD इमेज बनाने होगा सक्षम

Google Nano Banana 2 अपनी लॉन्चिंग को लेकर पिछले कई दिनों से खबरों में बना हुआ है। इससे जुड़ी नई रिपोर्ट आई है। इससे बनाना 2 टूल की खूबियों का पता चला है।

Published By: Ajay Verma | Published: Nov 11, 2025, 11:27 AM (IST)

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Google Nano Banana को अगस्त में लॉन्च किया गया था। लॉन्चिंग के कुछ समय बाद यह इमेज क्रिएटर टूल दुनियाभर में तेजी से पॉपुलर हुआ। इसके द्वारा बनाई गई फोटो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई। अब कंपनी इस AI टूल के अपग्रेडेड वर्जन यानी Google Nano Banana 2 को लाने की तैयारी कर रही है, जिसका सपोर्ट गूगल जेमिनी (Google Gemini) में मिलेगा। news और पढें: ChatGPT में जल्द आएंगे Ads, क्या AI के जवाब भी होंगे प्रभावित?

Google Banana 2

Testing Catalog की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल बनाना टूल के अपग्रेड वर्जन यानी Google Banana 2 को लाने वाली है। इस सेकेंड-जेन एआई टूल को प्री-रिलीज कार्ड में स्पॉट किया गया है। इसका कोड नेम GEMPIX2 है। यह Gemini AI इको-सिस्टम का हिस्सा होगा। news और पढें: Instagram क्रिएटर्स के लिए खुशखबरी, अब हिन्दीं ही नहीं इन 5 भाषाओं में भी बना पाएंगे Reels

रिपोर्ट में आगे बताया कि गूगल के अपकमिंग बनाना 2 बहुत एडवांस होगा। यह प्लेटफॉर्म पर तेजी से HD इमेज तैयार करेगा। इसके द्वारा बनाई गई इमेज में अधिक शार्प और डिटेल होंगी। इन्हें क्रिएटिव लुक दिया जा सकेगा। इतना ही नहीं इस टूल के द्वारा बनाई गई फोटो को एडिट करने के लिए प्रोफेशनल ग्रेड का कस्टामाइजेशन सपोर्ट मिलेगा। news और पढें: Google Photos जल्द ला रहा है कमाल का फीचर, स्मार्टफोन यूजर्स की ये बड़ी परेशानी होगी हल

कब होगा लॉन्च ?

टेक कंपनी गूगल ने अभी तक Google Banana 2 की लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन अब तक आई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस टूल को इस साल के अंत तक रिलीज किया जा सकता है।

आपको अंत में बताते चलें कि गूगल ने कुछ दिन पहले Gemini AI में मिलने वाले Deep Research फीचर का सपोर्ट गूगल वर्कस्पेस (Google Workspace) में देने का ऐलान किया था। इस अपडेशन से अब जीमेल, डॉक्स और शीट्स जैसे प्लेटफॉर्म में डीप रिसर्च फीचर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके माध्यम से यूजर्स एक जगह पर सारी जानकारी एकत्रित कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग-अलग जगह पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बता दें कि डीप रिसर्च फीचर AI रिसर्च असिस्टेंट की तरह काम करता है। यह अलग-अलग जगह से जानकारी कलेक्ट करके उसकी समरी बना देता है, जिससे उस जानकारी को आसानी से समझा जा सकता है। इससे समय की भी बचत होती है।