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भारतीय AI स्टार्टअप्स के लिए गूगल का बड़ा दांव, लॉन्च किया नया खास प्रोग्राम

गूगल इंडिया ने भारतीय AI स्टार्टअप्स के लिए एक नया प्रोग्राम ‘Google Market Access Programme’ लॉन्च किया है। इसका मकसद स्टार्टअप्स को बड़ी कंपनियों तक पहुंच और ग्लोबल मार्केट में मौका देना है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jan 15, 2026, 04:09 PM (IST)

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गूगल इंडिया ने भारतीय AI स्टार्टअप्स की मदद के लिए एक नया प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका नाम ‘Google Market Access Programme’ है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य छोटे-बड़े AI स्टार्टअप्स को बड़ी कंपनियों (एंटरप्राइज) तक पहुंचने में मदद करना है ताकि उनके बनाए प्रोडक्ट ज्यादा लोग और कंपनियां इस्तेमाल कर सकें। इस पहल के तहत गूगल स्टार्टअप्स को तकनीकी मदद देगा और उन्हें अपने ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे वे भारत के साथ-साथ विदेशों में भी अपने प्रोडक्ट बेच सकें। गूगल का कहना है कि भारत में AI का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है और साल 2030 तक इसकी कीमत लगभग 126 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। news और पढें: Apple और Google का बड़ी पार्टनरशिप, Gemini AI मॉडल से मिलेगा Siri को नया रूप

AI मॉडल्स को क्या सुविधाएं मिलेंगी

इस प्रोग्राम में शामिल होने वाले भारतीय AI स्टार्टअप्स को गूगल के सबसे नए और स्मार्ट AI मॉडल्स इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इसमें Gemini मॉडल्स शामिल हैं, जो मुश्किल सोच-विचार वाले काम करने में मदद करते हैं और Gemma मॉडल्स, जो रिसर्च और नए आइडियाज के लिए यूज होते हैं। गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने नई दिल्ली में Google AI Startups Conclave में कहा कि भारत के AI स्टार्टअप्स अब एक नए और महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि अब स्टार्टअप्स को सिर्फ नए प्रोटोटाइप बनाने तक नहीं रुकना चाहिए बल्कि बड़ा बिजनेस मॉडल बनाकर दुनिया में अपनी पहचान बनानी चाहिए। news और पढें: Google का भारत में बड़ा कदम, आंध्र प्रदेश में बनाएगा AI हब और डेटा सेंटर

गूगल पहले भी AI स्टार्टअप्स की मदद करता रहा है

मई 2025 में गूगल ने AI Futures Fund शुरू किया था, जिसके जरिए दुनियाभर के AI स्टार्टअप्स में निवेश किया जा रहा है और उनके साथ काम भी किया जा रहा है। इसके बाद गूगल ने Accel नाम की वेंचर कैपिटल कंपनी के साथ मिलकर शुरुआती स्टार्टअप्स में 2 मिलियन डॉलर तक निवेश करने का भी प्लान बनाया। भारत अब AI का बड़ा यूजर मार्केट बन गया है लेकिन अमेरिका और चीन की तुलना में भारत AI मॉडल बनाने में थोड़ा पीछे है। इसके बावजूद गूगल और Inc42 की रिपोर्ट ‘Bharat AI Startups Report 2026’ के अनुसार, भारत की 47% से ज्यादा कंपनियां अपने AI प्रोजेक्ट्स को सिर्फ टेस्ट करने तक नहीं छोड़कर उन्हें असली काम में इस्तेमाल कर रही हैं।

Indic भाषा मॉडल, Global AI Hub और MedGemma

गूगल ने यह भी बताया कि भारत की सबसे बड़ी ताकत Indic भाषा मॉडल्स हैं, जो ग्रामीण और विविध भाषाओं वाले यूजर्स के लिए AI को ज्यादा यूजफुल बनाते हैं। कंपनी का कहना है कि अगर कोई AI सिस्टम भारत के ग्रामीण यूजर के लिए भरोसेमंद तरीके से काम करता है तो वह दुनिया में कहीं भी सफल हो सकता है। इसके अलावा गूगल भारतीय स्टार्टअप्स को अपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल डेटा सेंटर्स और सुरक्षित प्राइवेट AI कंप्यूट सुविधाएं भी देगा। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बनने वाला Global AI Hub इस दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही गूगल का हेल्थकेयर AI मॉडल MedGemma 1.5, जिसका यूज AIIMS जैसे संस्थान मेडिकल इमेजिंग और स्कैन एनालिसिस में कर रहे हैं, भारतीय डेवलपर्स के लिए एक नई संभावना खोलता है।