Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Mar 25, 2026, 02:01 PM (IST)
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Google Gemini जल्द ही ऐसा फीचर ला सकता है, जिससे यूजर्स अपनी चैट हिस्ट्री और मेमोरी को ChatGPT से सीधे इम्पोर्ट कर पाएंगे। आज के समय में AI असिस्टेंट्स हमारे रोजमर्रा के कामों का अहम हिस्सा बन चुके हैं चाहे रिसर्च करना हो, लिखना हो या पर्सनल नोट्स बनाना, लेकिन एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाना हमेशा मुश्किल रहा है, क्योंकि यूजर का डेटा और पसंद-नापसंद वहीं रह जाती है, यही वजह है कि कई लोग एक ही AI टूल से जुड़े रहते हैं। और पढें: Reliance Jio ने लॉन्च किया धमाकेदार प्लान, मिलेगा JioHotstar से लेकर Gemini Pro का सब्सक्रिप्शन, जानिए कीमत और बेनिफिट्स
अब रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google इस समस्या का हल निकालने की कोशिश कर रहा है। खबर है कि Gemini एक ऐसा फीचर टेस्ट कर रहा है, जिससे यूजर दूसरे AI टूल्स से अपनी मेमोरी और चैट हिस्ट्री को आसानी से ट्रांसफर कर सकेंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अब यूजर्स को नए प्लेटफॉर्म पर फिर से शुरुआत नहीं करनी पड़ेगी। Android Headlines की रिपोर्ट में इस फीचर को Google ऐप के एक लेटेस्ट वर्जन में देखा गया है, हालांकि कंपनी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन यह साफ संकेत है कि यूजर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर काम चल रहा है। और पढें: Google Workspace में आए ये कमाल के AI फीचर्स, भर-भर के मिलेंगे यूजर्स को फायदे
इस नए सिस्टम के तहत डेटा ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है। पहले स्टेप में यूजर को Gemini द्वारा दिया गया एक प्रॉम्प्ट अपने मौजूदा AI चैटबॉट में पेस्ट करना होगा। इसके बाद वह चैटबॉट यूजर की पसंद, इंटरेस्ट और राइटिंग स्टाइल का एक समरी तैयार करेगा। इस समरी को Gemini में पेस्ट करके यूजर अपनी प्रोफाइल जल्दी सेट कर पाएंगे। दूसरे स्टेप में यूजर अपनी पुरानी चैट हिस्ट्री को ZIP फाइल के रूप में अपलोड कर सकेंगे। इसके बाद Gemini उस डेटा को समझकर उसी हिसाब से जवाब देना शुरू कर देगा। और पढें: Gemini AI अब कर सकेगा Google Photos का इस्तेमाल, अब फोटो नहीं करनी पड़ेगी बार-बार अपलोड
इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि AI प्लेटफॉर्म बदलना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। अभी तक यूजर एक ही AI टूल पर इसलिए टिके रहते हैं क्योंकि उनका सारा डेटा वहीं सेव होता है लेकिन अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो यह ‘Switching Difficulty’ को काफी हद तक खत्म कर सकता है। माना जा रहा है कि भविष्य में दूसरी कंपनियां भी ऐसे फीचर्स ला सकती हैं, फिलहाल इस फीचर की लॉन्च डेट सामने नहीं आई है, लेकिन क्योंकि यह अभी टेस्टिंग स्टेज में है, इसलिए यूजर्स को इसके लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।