Published By: Rohit Kumar | Published: Mar 20, 2023, 11:12 AM (IST)
Apple के वर्चुअल असिस्टेंट Siri को और अधिक एडवांस बनाने का काम शुरू हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Siri में ChatGPT जैसे फीचर्स देखने को मिल सकते हैं, जो वर्तमान समय में काफी चर्चा में हैं। यह यूजर्स के काम को आसान बनाने के अलावा प्रोडक्टिविटी भी बढ़ाने में सक्षम हैं। वॉयस असिस्टेंट Siri की शुरुआत साल 2011 में हुई थी और यह iPhone 4S के साथ लॉन्च हुआ था। इसके बाद इसको अपडेट किया और बेहतर बनाया। अब यह सभी ऐप्पल डिवाइस के लिए उपलब्ध है, जिसमें iPhone, iPad, Mac, Apple TV और Apple Watch शामिल है। और पढें: Apple WWDC 2026: Apple Intelligence के साथ Siri AI से उठा पर्दा, iPhone, iPad, iWatch व MacOS में मिलेगा एडवांस एक्सपीरियंस
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple नए जनरेशन के AI कॉन्सेप्ट की टेस्टिंग कर रहा है, जिसे वर्चुअल असिस्टेंट Siri के साथ कनेक्ट किया जाएगा। हाल ही में आयोजित ऐप्पल के एनुअल AI Summit के दौरान एक कर्मचारी द्वारा इसके बारे में जानकारी शेयर की थी। जानकारी के मुताबिक, कंपनी बड़े स्तर पर लैंग्वेज मॉडल और अन्य AI Tool पर काम कर रही है। यह फैसला ChatGPT की बढ़ती लोकप्रियता के बीच लिया गया है। और पढें: क्या WWDC 2026 में बदल जाएगी Siri? Apple दिखा सकता है अब तक का सबसे बड़ा AI अपग्रेड
Apple Siri में नई तकनीक को स्वीकार करने को लेकर सिरी को थोड़ा स्लो बताया गया है। दरअसल, रिपोर्ट में एक पूर्व इंजीनियर, जो सिरी में काम कर चुके हैं, उनका हवाला देकर कहा गया है कि यह वर्चुअल असिस्टेंट नई तकनीक को बड़े ही धीमे तरीके से स्वीकार करता है। इसमें कई तकनीकी और कोडिंग संबंधित चुनौतियां हैं। और पढें: Apple WWDC 2026: क्या Siri में आने वाला है सबसे बड़ा AI अपडेट?
माइक्रोसॉफ्ट ने ChatGPT का इस्तेमाल करके कई उपयोगी फीचर्स को पेश किया है। इसके अलावा Search Engine Bing को भी ChatGPT के फीचर्स के साथ पेश किया है। माइक्रोसॉफ्ट ने ChatGPT के प्रोडक्ट में अन्य कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। बताते चलें कि भारत में भी ChatGPT का सब्सक्रिप्शन प्लान लाइव हो गया है। सब्सक्रिप्शन प्लान में यूजर्स को कई प्रो फीचर्स देखने को मिलेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट द्वारा ChatGPT वाले फीचर्स लॉन्च करने के बाद कई बड़े दिग्गजों में AI को बेहतर करने की होड़ लग गई है। इसमें Google, Amazon और Facebook की पेरेंटल कंपनी Meta भी शामिल है।