Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Sep 06, 2024, 11:29 AM (IST)
YouTube अपने प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने और डीपफेक (Deepfake) वीडियो पर लगाम लगाने के लिए पिछले काफी समय से काम कर रहा है। इस साल जून में वीडियो स्ट्रीमिंग जाइंट प्राइवेसी प्रोसेस को अपडेट किया था। इससे यूजर्स को एआई जेनरेटेड कंटेंट को रिपोर्ट करने की सुविधा मिली। अब यूट्यूब ऐसा टूल लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे डीपफेक फेस और वॉइस को आसानी से पहचाना जा सकेगा। इससे वायरल होने वाली डीपफेक वीडियो को रोकने में मदद मिलेगी। और पढें: AI पेन नहीं, OpenAI का पहला डिवाइस निकला कुछ और, लीक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
स्ट्रीमिंग जांइट YouTube ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि आर्टिफिशियल टेक्नोलॉजी से लैस फेस-डिटेक्शन टूल पर काम चल रहा है। यह क्रिएटर्स और आर्टिस्ट को उस कंटेंट को डिटेक्ट और मैनेज करने की अनुमति देगा, जिसमें एआई द्वारा उनके चेहरे का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी ने आगे बताया कि ‘Synthetic-Singing Identification’ टेक्लोलॉजी को भी लाया जाएगा। इसकी मदद से यूजर्स एआई-जेनरेटेड वाली सिंगिंग वॉइस की पहचान कर पाएंगे। और पढें: OpenAI ने लॉन्च किया Age Prediction System, ChatGPT पर झूठी उम्र डालने वाले यूजर्स का लगेगा पता
कंपनी की मानें, तो फेस डिटेक्शन टूल का पायलेट प्रोग्राम नए साल से शुरू होगा। टेस्टिंग पूरी होने के बाद 2025 के मध्य तक इसे लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल, यूट्यूब की ओर से इस टूल की लॉन्चिंग को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। और पढें: Pakistan लेकर आया सबसे बड़ा उर्दू AI मॉडल, ChatGPT को मिलेगी टक्कर
अंत में आपको बताते चलें कि यूट्यूब ने Thumbnail Test & Compare फीचर को रोलआउट किया था। इस फीचर की मदद से क्रिएटर्स अपनी वीडियो के लिए सबसे अच्छे थंब का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा, क्रिएटर्स को बढ़िया थंब चुनने में भी अनुमति मिलेगी।
कंपनी का मानना है कि इस टूल के आने से प्लेटफॉर्म पर वीडियो अच्छी दिखेगी और अधिकतर व्यूअर्स को अपनी ओर आकर्षित करेगी। यूट्यूब के इस फीचर का सपोर्ट ज्यादातर क्रिएटर्स को मिल चुका है।