Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Apr 24, 2023, 08:45 PM (IST)
वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube अपने स्मार्टफोन यूजर्स के लिए नया लोडिंग स्क्रीन एनिमेशन लेकर आया है। यह एनिमेशन काफी यूनीक है और इससे ब्रांड को आसानी से पहचाना जा सकता है। आपको बता दें कि कंपनी ने पिछले साल की शुरुआत में इस एनिमेशन को एड्रॉइड टीवी वर्जन के लिए रिलीज किया था। और पढें: YouTube 2026 में ला रहा है बड़ा AI बदलाव, OpenAI Sora को मिलेगी कड़ी टक्कर
9to5Google की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल का कहना है कि नए एनिमेशन को खासतौर पर ब्रांड की इमेज को बेहतर बनाने के लिए पेश किया गया है। यह एनिमेशन पुराने CRT TV में इस्तेमाल होने वाली Cathode Ray ट्यूब से इंस्पायर्ड है। और पढें: YouTube ने पैरेंटल कंट्रोल्स को और पावरफुल बनाया, अब माता-पिता अब सेट कर सकते हैं Shorts देखने की टाइम लिमिट
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि नए एनिमेशन में एक बड़ा लोडिंग बार आइकन है, जिसमें कंपनी का लोकप्रिय YouTube प्ले-हेड बटन और रेड प्रोग्रेस बार मौजूद है। यह दिखने में काफी आकर्षक है। यह एनिमेशन उन यूजर्स को दिखाई देगा, जिन्होंने यूट्यूब मोबाइल ऐप को हाल ही अपडेट किया है। आने वाले दिनों में यह एनिमेशन दुनियाभर के यूजर्स को दिखने लगेगा। और पढें: 140 साल लंबा YouTube वीडियो बना इंटरनेट की सबसे रहस्यमयी पहेली, डिस्क्रिप्शन देख खौफ में लोग
नए लोडिंग एनिमेशन के अलावा यूट्यूब ने अपने प्लेटफॉर्म पर कई काम के फीचर ऐड किए हैं। इनमें फेस टाइम जैसे फीचर शामिल हैं। साथ ही, वीडियो क्वालिटी को भी अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा, ब्रांड ने हाल ही में प्लेटफॉर्म पर पॉडकास्ट टैब को ऐड किया है। यूजर इस टैब के जरिए यूट्यूब पर पॉडकास्ट आसानी से सुन सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए याद दिला दें कि वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने मार्च में फर्जी खबर फैलाने वाले 6 चैनल पर प्रतिबंध लगाया था। इन चैनल के 20 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे और इन चैनल की वीडियोज को 50 करोड़ व्यूज मिले थे। यानी कि वीडियो को 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स ने देखा था। इससे पहले भी कंपनी ने फेक न्यूज सर्क्युलेट करने वाले कई चैनल पर बैन लगाया था।
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, जिन चैनल पर प्रतिबंध लगाया गया, उनके नाम Nation TV, Samvaad TV, Sarokar Bharat, Nation24, Swarnim Bharat और Samvaad Samachaar हैं। इन चैनल पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगा था।