Written By Ajay Verma
Published By: Ajay Verma | Published: Jul 01, 2023, 05:21 PM (IST)
माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ने पिछले महीने 26 मार्च से लेकर 25 अप्रैल के बीच 25 लाख अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से हटाया था। अब कंपनी ने एक्शन मोड में आते हुए एक बार फिर 11,32,228 अकाउंट्स को बैन किया है। यह कार्रवाई 26 अप्रैल से 25 मई के बीच की गई है। और पढें: X में आया कमाल का ‘History’ फीचर, अब नहीं खोएंगे पुराने पोस्ट
ट्विटर ने बताया कि जिन इंडियन अकाउंट्स पर बैन लगाया गया है, उनपर चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लाइटेशन, उत्पीड़न, हेट स्पीच, मानहानि और सेंसिटिव एडल्ट कंटेंट को बढ़ावा देने का आरोप लगा था। इसके अलावा, आतंकवाद को प्रमोट करने वाले 1,843 अकाउंट्स को भी प्लेटफॉर्म से हटाया गया है। और पढें: X का नया ऑटो ट्रांसलेशन फीचर क्या है और यूजर्स को कैसे फायदा मिलेगा?
कंपनी ने अपनी मंथली रिपोर्ट में बताया कि उन्हें अप्रैल-मई की समय सीमा के दौरान भारतीय यूजर्स की तरफ से 518 शिकायत मिली थी, जिसके बाद अकाउंट्स बैन करने का फैसला लिया गया। आपको बता दें कि नए आईटी नियम 2021 के तहत 5 मिलियन से ज्यादा यूजर वाली दिग्गज टेक कंपनियों को हर महीने रिपोर्ट दर्ज करनी होती है, जिसमें बताना पड़ता है कि यूजर्स के हित में क्या कदम उठाए गए और क्या निर्णय लिए गए। और पढें: Elon Musk का नया प्लान आया सामने, ला सकते हैं X Chat, टेस्टिंग शुरू
11 लाख से अधिक अकाउंट बैन करने से पहले कंपनी ने मार्च से अप्रैल के बीच कुल 25,53,881 भारतीय अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया था। इस दौरान कंपनी को 158 शिकायत मिली थी, जिसे ध्यान में रखकर सख्त कार्रवाई की गई। इन सभी अकाउंट ने नियम का उल्लघंन करने के साथ-साथ दुर्व्यवहार/उत्पीड़न (83), संवेदनशील एडल्ट कंटेंट (41), घृणित आचरण (19) और मानहानि (12) को बढ़ावा देने का काम किया था।
याद दिला दें कि पिछले साल सरकार ने ट्विटर को कुछ अकाउंट्स व ट्वीट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था, जिसके विरोध में कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की थी। अब कोर्ट ने इस अपील का खारिज कर दिया है और ट्विटर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने बताया कि कंपनी पर इसलिए जुर्माना लगाया कि IT Rules 2021 नियमों का उल्लघंन किया और सरकार की तरफ से भेजे गए नोटिस पर कोई एक्सशन नहीं लिया।
केन्द्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrashekhar) ने कहा कि IT Act 2000 के सेक्शन 69(A) के तहत कई ट्विटर अकाउंट्स और ट्वीट्स को प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए कहा गया था, लेकिन ट्विटर ने कोई एक्शन नहीं लिया। इस ही कारण कंपनी पर जुर्माना लगाया गया और कंपनी की पीटिशन को भी रद्द कर दिया गया।